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भैंस की तुलना में बकरी का दूध हुआ महंगा, लोगों के लिए बन रहा वरदान

-बीमारियों के बढ़ने पर बकरी के दूध की बढ़ी मांग-गांव से लाकर शहर में बेचा जा रहा बकरी का दूध

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भैंस की तुलना में बकरी का दूध हुआ महंगा, लोगों के लिए बन रहा वरदान

भैंस की तुलना में बकरी का दूध हुआ महंगा, लोगों के लिए बन रहा वरदान

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
फर्रुखाबाद. वर्तमान में बीमारियों के बढ़ने और प्लेटलेट्स (Platelets) के कम होने से लोग भयभीत हैं। वहीं कुछ निजी चिकित्सकों (Private Doctors) द्वारा बकरी का दूध पिलाने (Goat Milk) की सलाह दी गईं। इसके चलते लोगों को अब बकरी का दूध प्लेटलेट्स (Goat Milk Increase Platelets) गिरने की हालत में वरदान साबित हो रहा है। इससे अब बकरी के दूध की मांग (Demand Of Goat Milk) बढ़ गई है। हालात यह है कि लोग गांव-गांव जाकर बकरी का दूध ला रहे हैं। वहीं कुछ लोग गांव से बकरियां लाकर शहर में दूध बेच रहे हैं। मांग बढ़ने से पूर्व में 30 रुपए में बिकने वाला बकरी का दूध (Goat Milk Rate) अब 60 से 70 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। इसकी तुलना में भैंस का दूध करीब 55 रुपए प्रति लीटर है।

प्लेटलेट्स बढ़ाने को लोग कर रहे बकरी दूध का सेवन

सच तो यह है कि सामान्यता लोग भैंस और गाय की तुलना में बकरी के दूध को कम पसंद करते हैं। वहीं आज बीमारियों के संकट में लोग उसकी सरगर्मी से तलाश करते हैं। क्योंकि वही बकरी का दूध अब कई मरीजों के लिए दवाई का काम कर रहा है। कई निजी डॉक्टर्स द्वारा मरीजों के प्लेटलेट्स बढाने के लिए बकरी का दूध पिलाने की सलाह ने बकरी के दूध की मांग बढ़ा दी है। शहर में दूध न मिलने के कारण लोग गांव से बकरियां खरीदकर शहर में दूध बेच रहे हैं। साथ ही गांव से बकरी पालक शहर में दूध बेचने आ रहे हैं। बीमारियों की वजह से बकरी के दूध की मांग इतनी बढ़ गई है कि बकरी का दूध खरीदने के लिए लोग पहले से यहां मौजूद रहते हैं।

बकरी दूध का रेट 70 रुपए प्रति लीटर के ऊपर

दूध की इतनी मांग बढ़ी है कि उसकी पूर्ति नहीं हो पा रही है। शहर के लोग बकरी का दूध ग्रामीण इलाकों से ला रहे हैं और मरीजों को पिला रहे हैं। बताया जा रहा है कि अभी तक 30 रुपए तक में बिकने वाला बकरी का दूध अब 70 रुपए लीटर के पार चला गया है। हालांकि इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र जैसे कानपुर देहात के झींझक क्षेत्र में कुछ ऐसे बकरी पालक हैं, जो निशुल्क दूध देकर लोगों की मदद कर रहे हैं। झींझक के बकरी पालक संजू चक्रवर्ती ने बताया कि इस समय कई लोग बकरी का दूध लेने आ रहे हैं, लेकिन इस संकट की घड़ी में पैसे लेने का कोई मतलब नहीं बनता है। लोग एक कप या दो कप ताजा दूध मांगते हैं तो उनको तुरंत सामने दूध निकालकर दे रहे हैं।