
हिन्दू महासभा ने किया हिन्दू न्याय पीठ का गठन, देखें वीडियो
फर्रुखाबाद. गंगा- जमुनी तहजीब की सालों पुरानी विरासत को संजो कर रखने वाले फर्रुखाबाद में मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की शरई अदालत के जवाब में हिन्दू न्याय पीठ का आगाज हो गया। संवैधानिक व्यवस्थाओं को नकार कर अब शहर के पारिवारिक विवाद हिन्दू और मुस्लिम धर्म के आधार पर धार्मिक पंचायतों में निपटेंगे। मस्जिद में शरई अदालत चलेगी तो मंदिर में हिन्दू न्यायपीठ। जुमे को शरई अदालत की छुट्टी होगी तो मंगलवार को हिन्दू न्यायपीठ की।फर्रुखाबाद से शुरू की गई इस पहल के विस्तार की भी घोषणा की गयी है। इन जवाबी व्यवस्थाओं के बावजूद प्रशासन अभी तक अनजान बना हुआ है।
फर्रुखाबाद की गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पूरे देश में दी जाती है। यहां राम लीला कमेटी के पदाधिकारी ताजिया उठाते हैं तो मुहर्रम कमेटी के लोग राम बरात में शामिल होते हैं। लेकिन अब यह फर्रुखाबाद नयी दिशा में चल पड़ा है। एक सप्ताह पहले मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने यहां शरई अदालत की स्थापना की थी और आज हिन्दू महासभा ने उससे बड़ी लाइन खींचते हुए हिन्दू न्यायपीठ की स्थापना कर डाली। दुर्बाषा ऋषि आश्रम के महंत ईश्वर दास ने मंत्रोच्चारण के साथ भारत माता और महाराजा विक्रमादित्य के चित्र का पूजन करने के साथ ही न्याय पीठ गठित करने की घोषणा की। पिछले दिनों कब्जे को लेकर चर्चा में आये चौक किराना बाजार स्थित राम जानकी मंदिर में हिन्दू न्याय पीठ का दफ्तर होगा। जबकि शरई अदालत का दफ्तर मनिहारी की ऊंची मीनार वाली मस्जिद में बनाया गया है। दोनों धार्मिक अदालतें रविवार को खुली रहेंगी। शरई अदालत में जुमे को साप्ताहिक अवकाश होगा जबकि हिन्दू न्यायपीठ में मंगलवार को साप्ताहिक छुट्टी रहेगी। महंत ईश्वर दास जी को भी न्याय पीठ में शामिल किया गया है। दुर्वाशा ऋषि आश्रम के महंत ईश्वर दास ने बताया कि हिन्दू समाज को संगठित रहने की जरूरत है। हिन्दू न्याय पीठ समय की मांग है और यह उचित कदम है।
Updated on:
02 Jan 2019 02:43 pm
Published on:
02 Jan 2019 02:41 pm
बड़ी खबरें
View Allफर्रुखाबाद
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
