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मकर संक्रांति पर बनारस के विद्वानों ने की महाआरती

इस दौरान सभी भक्तगण माँ गंगा की भक्ति में डूबे हुए दिखाई दे रहे थे।  

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फर्रुखाबाद.अपरा काशी पांचाल घाट माघ मेला रामनगरिया में इस पावन पर्व पर जिला प्रशासन द्वारा माँ गंगा की सफाई से लेकर उनकी निर्मलता बनी रहने के लिए लिए बनारस के अस्सी घाट पर रोजाना आरती करने वाले पंडितों को बुलाया गया। उनके द्वारा आरती करने के लिए मेला रामनगरिया की पहली सीढ़ी के सामने गंगा तट पर भव्य द्वार का अस्थाई निर्माण कराया गया, जिसमें अनेक प्रकार की रंग बिरंगी लाइटों को लगाया गया। यह गंगा आरती लगभग 45 मिनट तक चलती रही, इस दौरान सभी भक्तगण माँ गंगा की भक्ति में डूबे हुए दिखाई दे रहे थे।

सभी पांचों आरती करने वालों ने आरती करनी शुरू कर दी

आरती की शुरुआत जिलाधिकारी मोनिका रानी से वेद मंत्र के साथ गणेश पूजन गंगा पूजन के साथ मंगलाचरण से किया गया, जिसमें मुख्य रूप से राम की धुन से सभी पांचों आरती करने वालों ने आरती करनी शुरू कर दी, जिसमे गंगा आरती, शिव तांडव के द्वारा भी आरती की गई। उस समय आरती देखने वालों की भीड़ ही भीड़ दिखाई दे रही थी, उनके लिए गंगा तट पर फटती बैठने के लिए डाल दी गई थी। यह गंगा आरती लगभग 45 मिनट तक चलती रही, अभी भक्तगण माँ गंगा की भक्ति में डूबे हुए दिखाई दे रहे थे।
माँ गंगा की आरती में दिखा वीआईपी कल्चर
हिन्दू धर्म में भगवान का मंदिर हो या कोई धार्मिक स्थल वहां पर योगी और मोदी अपना वीआईपी सुरक्षा छोड़ कर पूजा करते लोगों ने देखा है, लेकिन मेला रामनगरिया में गंगा आरती के दौरान सभी सरकारी कर्मचारियों से लेकर भाजपा नेताओं के लिए कुर्सी से लेकर सोफा डाले गए थे, जिस समय आरती चल रही थी उस समय सभी अधिकारी सोफा पर बैठकर गंगा आरती करते नजर आ रहे थे। यह हिन्दू धर्म के विपरीत माना जाता है। इस कार्य को लेकर कई हिन्दू संगठनों ने नाराजगी जाहिर की है।