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फर्रुखाबाद: तो लगभग 10 सर्जन उठा रहे हैं 300 नर्सिंग होम की जिम्मेदारी, आईएमए ने बताई सच्चाई

फर्रुखाबाद में आईएमए ने स्वास्थ्य विभाग से पूछा बिना डॉक्टर, नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन कैसे किया जा रहा है? डीएम ने जांच का आश्वासन दिया है।

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फर्रुखाबाद: तो लगभग 10 सर्जन उठा रहे हैं 300 नर्सिंग होम की जिम्मेदारी, आईएमए ने बताई सच्चाई

फर्रुखाबाद: तो लगभग 10 सर्जन उठा रहे हैं 300 नर्सिंग होम की जिम्मेदारी, आईएमए ने बताई सच्चाई

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाया है। जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारी ने बताया कि जिले में लगभग 3 सैकड़ा प्राइवेट नर्सिंग होम चल रहे हैं और यह बिना डॉक्टर के संचालित है। उन्होंने पूछा स्वास्थ विभाग बिना डॉक्टर के निजी नर्सिंग होम को संचालन की अनुमति कैसे दे रहा है। जिलाधिकारी ने कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

आईएमए सचिव डॉ के एन द्विवेदी ने डीएम को बताया कि जिले में 300 से अधिक अवैध रूप से निजी अस्पताल चल रहे हैं। बिना डॉक्टर के निजी अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन हो रहा है। बोले जिले में मुश्किल से 10 सर्जन है और सभी नर्सिंग होम में मरीजों का ऑपरेशन हो रहा है।

झोलाछाप डॉक्टरों की भूमिका महत्वपूर्ण

इन नर्सिंग होम में झोलाछाप डॉक्टरों की प्रमुख भूमिका होती है। जो कंपाउंडर के साथ मिलकर मरीजों का ऑपरेशन कर रहे हैं। जिससे उनकी जान भी खतरे में पड़ जाती है। उन्होंने बताया कि शहर के मसेनी चौराहे पर अवैध अस्पतालों की मंडी है। झोलाछाप डॉक्टर दलालों के माध्यम से मरीजों को अपने यहां बुलाते हैं। उन्होंने डीएम से अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

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डीएम ने दिया आश्वासन

आई एम ए के पदाधिकारियों की मांग पर डीएम ने आश्वासन दिया है। संजय कुमार सिंह ने कहा कि अवैध अस्पतालों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

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