फर्रुखाबाद. प्रदेश सरकार यूपी पुलिस के अधिकारियों के द्वारा जहां थानों को अत्याधुनिक सुविधाएं देते हुए हाईटेक किया जा रहा है, अपने पुलिस कर्मी को हर सुविधा मुहैया करा रही है, लेकिन जिन इमारतों में थाने चल रहे हैं वो जर्जर हो चुकी हैं।
पुलिस अधिकारी और कर्मचारी इन जर्जर इमारतों में जान जोखिम में डालकर काम करने के लिए मजबूर हैं। खस्ता हाल इमारत की छत तले जहां पुलिस कर्मी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, वहीं लाखों रुपये का आधुनिक सामान भी महफूज नहीं है। पुलिस कब्जे में लिए वाहनों को रखने के लिए पहले ही बेबस है, उस पर थानों की बारिश के दौरान टिपटिप करती छतों तले रिकार्ड व कंप्यूटर आदि साजो सामान को संभालना थानों के मुख्य मुंशियों के लिए टेढ़ी खीर बना हुआ है। क्योकि जिस छत के नीचे बैठकर वह काम कर रहे हैं वह किसी समय गिर सकती है फिर भी उसके नीचे बैठने के साथ काम भी करना पड़ता है।
जिले में जर्जर थाने कितने