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दूध की डेरी वालों का खेल, खराब दूध की कर रहे हैं काला बाजारी

सरकार ने बाकायदा संसद में माना कि अमृत को मिलावटखोर विष बना रहे हैं...

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दूध डेरी वालों का खेल, खराब दूध की कर रहे हैं काला बाजारी

फर्रुखाबाद. दूध पीना हर इंसान की बुनियादी जरूरत है, लेकिन इसी जरूरत से इंसान ही खिलवाड़ कर रहा है। चंद नोटों की खातिर देश के एक बड़े हिस्से में लोग दूध को जहर बना रहे हैं। और न जाने कितने लोग उसी जहर को पी रह हैं। शायद यही दूध उनके बच्चे पी रहे हैं। ऐसा दूध जो आंख से लेकर आंत तक दिल से लेकर प्रजनन क्षमता तक सबपर असर डालेगा। जो सेहतमंद इंसान को बीमार बहुत बीमार बना डालेगा। दूध को अमृत कहा जाता था, लेकिन केंद्र सरकार ने बाकायदा संसद में माना कि अमृत को मिलावटखोर विष बना रहे हैं। पूरे देश में जितना दूध बेचा जाता है, उसका 68 फीसदी से भी ज्यादा हिस्सा सरकारी मानदंड पर खरा नहीं उतरता।

चल रही हैं दर्जनों फैक्ट्रियां

जिले में विभिन्न प्रकार की दर्जनों दूध फैक्ट्रियां चल रही है। लेकिन वह जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से दूध को अपने मानकों से खरीदती है। दूध खरीदने के बाद वह खराब न हो उसके लिए शून्य तापमान पर फैक्ट्री के अंदर बने टैंकों में रखते है। लेकिन जो दूध खराब होता है वह सचिवो को बापस कर देते है। लेकिन दूध माफिया उस दूध को 20 रुपये से लेकर 29 रुपये लीटर खरीद लेते है विना लाइसेंस के उन्होंने चिलर प्लांट लगा रखे है उसके लिए वह लोग विभिन्न कंपनियों की दूध डेरियों से रिजेक्ट किया गया दूध लाकर रखते। जब वह ठंडा हो जाता है तो जो दूध डेरिया दूध पाउडर बनाने के लिए दूध खरीदती है। उनको बेच देते है। लेकिन जो दूध खराब हो जाता है तो किसी कार्य मे इस्तेमाल नही किया जा सकता है। तो उसका दूध का पाउण्डर बनाने के लिए क्यो खरीदा जा रहा है। दूसरी तरफ रोजाना हजारो लीटर दूध इसी प्रकार से खरीदा जा रहा है। जिले में इसी प्रकार से अन्य खाद्य पदार्थो के माफिया अपना काम करते कई वार पकड़े जा चुके हैं। लेकिन खाद्य विभाग के पास सबसे बड़ी बात यह कि वह गलत खाद्य साम्रगी का सैम्पल तो भरकर जांच के लिए भेज देते है। परंतु आरोपी को खुला छोड़ देते है। जिस कारण उनके हौसले बुलंद है। आज ज्ञान दूध डेयरी के अंदर से दूध माफिया विनोद यादव ने लगभग 75 लीटर दूध खरीदा था जब खाद्य अधिकारी ने छापा मारा तो माफिया मौके से फरार हो गया। डेयरी के कर्मचारी कहने लगे कि वह बर्फ खरीदने के लिए आया हुआ था। लेकिन हकीकत यह है कि वह रोजाना सैकड़ो लीटर खराब दूध इन्ही डेयरियों से खरीदता था।

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