
फर्रुखाबाद. फर्रुखाबाद में रहने वाले किसान की बेटी सीनू ने रेप प्रूफ पेंटी बनाई है। सीनू मात्र 19 साल की 19 साल। सीनू बीएससी थर्ड ईयर की स्टूडेंट हैं। साधारण किसान परिवार से हैं। लेकिन, सोच और कारनामें बहुत ऊंचे हैं। कुछ माह पहले उनके शहर फर्रुखाबाद में एक रेप की घटना घटित हुई। सात साल की एक बच्ची से दुष्कर्म हुआ। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गयी। इस घटना ने साधारण सी दिखने वाली सीनू कुमारी को झकझोर कर रख दिया। वह उदास रहने लगी। दिन और रात उसके मन में यही घुमड़ता रहा कि आखिर वह क्या करे कि फिर कोई बच्ची या महिला इस तरह की दरिंदगी का शिकार न हो। एक माह की कड़ी मेहनत के बाद उसने एक ऐसी पेंटी बनायी जो रेप प्रूफ है। इसे जल्द ही पेटेंट मिलने वाला है। इसके बाद यह बाजारों में बिक्री के लिए उपलब्ध होगी।
बीएससी की हैं स्टूडेंट
बीएससी की पढ़ाई के दौरान सीनू ने विज्ञान के कई मॉडल बनाए थे। उसके मन में विचार कौंधा। क्यों ने एक ऐसी पैंटी बनाई जाए जो रेप प्रूफ हो। बस फिर क्या था। सीनू अपनी धुन को हकीकत में उतारने की कवायद में जुट गयी। कई प्रयोग किए और एक माह की मेहनत के बाद उसने एक ऐसी पैंटी बना डाली जो रेप प्रूफ है। यह इलेक्ट्रॉनिक टेक्नीक से लैस है। इसमें स्मार्टलॉक लगा है। यह लॉक सिर्फ पासवर्ड से खुल सकता है। पैटीं को पहनने वाली महिला कहां है इसकी जानकारी भी मिल सकती है। इसके लिए इसमें जीपीआरएस सिस्टम लगा है। इससे लोकेशन की सही जानकारी मिल सकती है। जीपीआरएस सिस्टम के अलावा घटनास्थल की बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए रिकॉर्डर भी लगा हुआ है।
1090 पर जाएगी कॉल
सीनू के मुताबिक पैंटी को पहनने के बाद रेप से बचा जा सकता है। इस पैंटी में खास तरह के उपकरण लगे हैं। इसमें एक स्मार्टलॉक लगा है, जो पासवर्ड के बिना नहीं खुल सकता। यह पैंटी ब्लेडप्रूफ कपड़े की बनी है। इसको चाकू या किसी भी धारदार हथियार से काटा नहीं जा सकता। पैंटी को जलाया भी नहीं जा सकता है। इसमें एक बटन लगा है, जिसे दबाने पर 100 या 1090 नंबर पर ऑटोमैटिकली कॉल चला जाएगा और जीपीआरएस सिस्टम की मदद से पुलिस घटनास्थल पर पहुंच जाएगी। पैंटी में रिकॉर्डर भी लगा है, जिसमें घटनास्थल की सारी बातें रिकॉर्ड हो जाएंगी।
सिर्फ 5 हजार की लागत
रेप प्रूफ पैंटी को तैयार करने में सिर्फ 5,000 रुपये तक का खर्च आया है। सीनू कहती हैं कि इस मॉडल में और सुधार के बाद यह और सस्ती हो सकती है। पेंटेंट के बाद जब कंपनियां थोक में बनाकर इसे बाजार में उतारेंगी तब इसकी कीमत आम पैंटी की तुलना में थोड़ी सी ही महंगी होगी।
जल्द मिलेगा पेटेंट
रेप प्रूफ पैंटी का पेटेंट कराने के लिए सीनू ने इलाहाबाद स्थित नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) के पास भेजा है। जल्द ही इसको पेटेंट राइट मिल जाएगा। कई कंपनियों से बात चल रही है। इसके बाद इसका व्यावसायिक उत्पादन भी शुरू कर दिया जाएगा। सीनू, रेल दुर्घटना से बचने में सहायक एक उपकरण पर भी काम कर रही हैं, जो बढ़ रही रेल दुर्घटनाओं को रोकने में कारगर साबित हो सकता है।
केंद्रीय मंत्री मेनका ने दिया मदद का आश्वासन
सीनू के मुताबिक महिलाओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण यह पैंटी और सस्ती हो जाएगी। उन्हें उम्मीद है सरकार मदद करेगी। केंद्रीय बाल एवं महिला विकास मंत्री मेनका गांधी ने गरीब महिलाओं तक इस पैंटभ् को पहुंचाने में मदद का आश्वासन दिया है।
Updated on:
06 Jan 2018 01:33 pm
Published on:
03 Jan 2018 05:51 pm

