
फर्रुखाबाद. उत्तर प्रदेश सरकार में जब भी शिक्षकों की भर्ती की गई कोई न कोई बवाल होता रहा है। प्रदेश में बेसिक शिक्षा में 12 हजार शिक्षकों की नियुक्ति हर जिले में होनी है। जिसमें जिले में लगभग 68 शिक्षकों को बीएसए द्वारा नियुक्ति पत्र जारी किए जाने थे। आदेश कई दिनों पहले बीएसए को मिल गया था, लेकिन किसी भी अभ्यर्थी को शिक्षक बनने का नियुक्ति पत्र नहीं दिया। जब इंतजार की सभी हदे पार हो गई तब अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा कार्यालय में जाकर बीएसए का घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी। मामला बिगड़ता देख बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने उनको भरोसा दिलाया कि दोपहर बाद किसी भी समय सभी लोगों को नियुक्ति पत्र वितरण कर दिए जाएंगे।
बेसिक शिक्षा कार्यालय में यह घेराव पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले शिक्षा मित्रों ने कई दिनों तक कार्यालय के सामने बैठकर प्रदर्शन किया था। उससे पहले प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले सैकड़ों शिक्षकों ने प्रमोशन को लेकर घेराव किया था। जिसमे शिक्षक नेताओं द्वारा बीएसए के साथ बदसलूकी भी हो गई थी।
आखिर अभी तक क्यों नहीं दिए गए नियुक्ति पत्र? जिन अभ्यर्थियों ने घेराव किया उनकी माने तो शिक्षा विभाग के बाबू लोग काम करने के बदले कुछ सुविधा शुल्क की चाह रखने की वजह से ही नियुक्ति पत्र देने में देरी करते हैं। शिक्षा विभाग का खेल ही निराला है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि सभी अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र तैयार हो चुके हैं, केवल दस्तखत होने बाकी हैं। साइन होने के बाद सभी को दे दिये जाएंगे। जो अभ्यर्थी दूसरे जिलों के हैं उनके नियुक्ति पत्र देने के लिए कोर्ट ने रोक लगा दी है। उनको नियुक्ति पत्र नहीं दिए जायेंगे। बाहर के अभ्यर्थियों पर क्यों रोक लगाई गई, वह कोर्ट से पता कर सकते हैं। जितने अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने का आदेश मिला है, उन सभी को आज सौंप दिए जाएगा।