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मछलियों वाले तालाब में दवाई डाल कर लाखों का किया नुकसान

मछलियों वाले तालाब में दवाई डालकर लाखों का किया नुकसान    

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फर्रुखाबाद. थाना मऊदरबाजा क्षेत्र के गांव सरैया में शैलेंद्र सिंह का सात बीघा तालाब में मछली पालन करने के लिए रखा था। जिसमें मछली विभाग के सहयोग से उसमे लगभग पांच लाख की मछली पाली जा रही थी, लेकिन तालाब की सुरक्षा के लिए चारों तरफ कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। आज खुराफाती लोगों ने उसमें जहरीली दवाई डाल दी। जिस कारण तालाब में पलने वाली मछलियां बेहोशी की हालत में पानी के ऊपर तैरने लगी। जिसको जब गांव वालों ने देखा तो मछली खाने वालों की तालाब के किनारों पर भीड़ जमा होने लगी। पॉलोथिन में भरकर अपने-अपने घरों में ले गए है।

गांवों वालों के मुताबिक तालाब में समय समय पर मछलियों की जांच कराई जाती है, जिससे उनमें किसी प्रकार का रोग न हो सके।

आखिर किसने डाली होगी तालाब में दवाई

जिले में बहुत कम लोग है जो तालाबों में मछली पालन का काम कर रहे है। क्या किसी मछली खाने का शौक रखने वाले ने इस प्रकार की घटना को अंजाम दिया है कि मछली अपनी पूर्ण रूप से बड़ी भी नहीं हो पाई थी। उससे पहले ही उनको मौत के घाट उतार दिया गया है। देखना यह होगा की आखिर कौन है। तालाब मालिक का दुश्मन कौन है। या बीमा की रकम पाने के लिए इस प्रकार की घटना को अंजाम दिया गया है। यह सभी बिंदु बार जांच का विषय है, लेकिन बीमा नहीं मिलता है तो तालाब मालिक का लाखों का नुकसान हो चुका है।

देश में हिन्दू धर्म में बहुत से लोग मछली को दाना खिलाकर कुछ पुण्य कमाते है। क्योंकि गंगा घाटों से लेकर तालाबों पर मछली को देवी मानने वाले लोग रोजाना शाम या सुबह तालाब के किनारे दाना खिलाते नजर आ जायेंगे। फिर इसी समाज के लोग अपना पेट भरने के लिए उन्ही मछलियों को मारने से पीछे नहीं हटते है। जब कोई मना भी करते है तो वह लोग कहते है कि तुम लोगों को तो नहीं मार रहे है।