
Swami Prasad Maurya big attack on Farrukhabad police administration उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद पहुंचे स्वामी प्रसाद मौर्य ने मृतक परिजनों से बातचीत की। घटनाक्रम के विषय में जानकारी प्राप्त की। पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि पुलिस हत्या आरोपियों को बचाने की साजिश कर रही है। शुरू से ही हत्या को आत्महत्या बता रही है। मृतक परिजनों की पहली तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पुलिस का क्या इंटरेस्ट है? उन्हें नहीं मालूम। मामला 13 और 18 साल की लड़कियों की मौत से जुड़ा है। जिनका शव 27 अगस्त को पेड़ से लटका मिला था। स्वामी प्रसाद मौर्य मृतक परिजनों से मिलने के लिए आए थे। घटना कायमगंज थाना क्षेत्र की है। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
Swami Prasad Maurya big attack on Farrukhabad police administration स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि दो दलित बेटियों की हत्या को पुलिस शुरू से ही आत्महत्या बता रही थी। पहली तहरीर पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। दूसरी तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज किया गया। जिसमें दो लड़कों को नामजद किया गया था। लेकिन आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धाराएं लगाई गई है। पुलिस शुरू से ही पूरे मामले को रफा दफा करने में लगी रही। पुलिस हत्या को आत्महत्या बताने में क्यों इंटरेस्ट ले रही है? यह बात समझ में नहीं आ रही है। जब मृतक के पिता ने मार कर शव लटकाए जाने के विषय में पहली तहरीर दी गई थी। उसी तहरीर के आधार पर ही मुकदमा दर्ज होना चाहिए। ऐसा ना करके पुलिस हत्या को आत्महत्या में बदलने में लगी है।
Swami Prasad Maurya big attack on Farrukhabad police administration स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि मैं इसकी निंदा करता हूं। अपराधियों बचाने के लिए पुलिस की सोची समझी साजिश है, चक्रव्यूह है। ऐसा होना नहीं चाहिए। पीड़ित परिवार के अनुसार पुलिस न्याय देने का आश्वासन तो दे रही है। लेकिन न्याय मिलता नजर नहीं आ रहा है। इसलिए जरूरत पड़े तो सीबीसीआईडी या सीबीआई को जांच दी जाए। दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
Published on:
01 Sept 2024 06:36 pm
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