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फिर सामने आई लूट- हत्या की बड़ी खबर, डाका डालने गए बदमाशों ने दम्पत्ति को उतारा मौत के घाट

पुलिस ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की, लेकिन कोई खास तथ्य हाथ नहीं लगे

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farrukhabad

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फर्रुखाबाद. बीती रात बदमाशों ने दो घरों में डकैती डाल वृद्ध दम्पत्ति की हत्या कर दी। घटना से पूरे इलाके में सनसनी है। पुलिस ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की, लेकिन कोई खास तथ्य हाथ नहीं लगे। कोतवाली कायमगंज के ग्राम कुबेरपुर निवासी 60 वर्षीय राशिद खां अपनी पत्नी बदरुलनिशा अपने घर में थे। उनका पुत्र वारिफ खां दिल्ली में नौकरी करता है। राशिद नगर पालिका कायमगंज से मीटर रीडर पद से सेवानिवृत हो चुके थे।

राशिद का घर गांव के किनारे बना हुआ है, वह अपनी पत्नी के साथ रहते थे। बीती रात हथियार बंद बदमाश उनके घर के दाखिल हुए। उन्होंने राशिद व उनकी पत्नी को गोलियों से मौत के घाट उतार दिया। वहीं गांव के ही नसीम खां के पुत्र फहीम को डकैत बंधक बनाकर बागों में ले। डकैतों ने फहीम के परिजनों से कहा कि यदि शोर किया तो उसे गोली मार देंगे। बदमाशों ने परिजनों के साथ मारपीट की।इस घटना से ग्रामीणों में दहशत बनी हई है। डकैती की सूचना पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस का वही पुराना रवैया देरी से पहुंचना तबतक बदमाश घटना को अंजाम देकर फरार हो चुके थे।


घटना की जानकारी मिलने पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। जांच पड़ताल की। एक तरफ यूपी 100 के साथ बाइक से दो सिपाही गस्त करते है फिर दो दिनों में डकैती की दूसरी घटना जिसमें दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। कि बीते दिन ही थाना मऊदरवाजा के ग्राम नगला गुलाल निवासी होमगार्ड राजीव व उसके परिजनों को बंधक बना डकैती डाली गयी थी। अभी घटना हुये 24 घंटे हुये थे। अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह ने बताया कि रात में बदमाशों ने कायमगंज क्षेत्र में दो घरों में डकैती डाली है, जिसमे रिटायर्ड नगरपालिका कर्मचारी की पत्नी सहित हत्या कर दी गई है।पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा।


आखिर क्यों फेल हो रही पुलिस

जिले में विकास खण्ड कायमगंज शमशाबाद क्षेत्रों में लगभग दो माह में चोरियां, लूट हत्या डकैती जैसे संगीन अपराध लगातार बढ़ते जा रहे है। दूसरी तरफ पुलिस विभाग के अधिकारी अपनी स्थानीय पुलिस की लापरवाही भी नहीं मानते है। माने तो कैसे क्योकि जब उनके विभाग के साथ काम करने वाले कर्मचारी को ही बंधक बनाकर डकैती डाली गई लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर पाई। इन घटनाओं से जनता यही सोच रही है कि पुलिस से ज्यादा सतर्क बदमाश है कि कब मौका मिले हम घटना को अंजाम दे। पुलिस घटना होने के बाद खुलासा किसी प्रकार कर देती है लेकिन घटना के समय जल्दी पहुंच नहीं पाती है।