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चुनावी रंजिश में चाचा ने की भतीजे की हत्या, जमीन को लेकर भी चल रहा था विवाद

भूमि विवाद के साथ ही साथ चुनावी रंजिश में सगे चाचा ने भतीजे को मौत के घाट उतारा दिया।

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farrukhabad

फर्रुखाबाद. भूमि विवाद के साथ ही साथ चुनावी रंजिश में सगे चाचा ने भतीजे को मौत के घाट उतारा दिया। पुलिस ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की। थाना अमृतपुर के ग्राम करनपुर दत्त में सौरभ उर्फ़ अप्पा की पत्नी कीर्ति वर्तमान में ग्राम प्रधान है। उनकी परिवार में भूमि विवाद के साथ ही साथ चुनावी रंजिश भी चलती है। जिसके चलते प्रधान कीर्ति के पति के चाचा मानसिंह ने सुबह 8:30 बजे अप्पा को गोली मारकर दी। जिसके बाद परिजन उसे फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल ले गये जंहा उसकी मौत हो गयी। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पंहुची। पुलिस ने मान सिंह को हिरासत में ले लिया। शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिये भेजा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मानसिंह के साथ अप्पा का बीते चार दिन पूर्व विवाद हुआ था।


आरोपी के घर बरामद हुआ खोखों का जखीरा व कच्ची शराब मृतक का आरोपी चाचा मानसिंह गाँव के निकट ही पंचायत घर में रह रहा था। घटना के बाद थानाध्यक्ष नरेन्द्र गौतम ने उसके घर की तलाशी ली। जिसमे एक गत्ते में सैकड़ो की संख्या में 12 बोर के कारतूस के खोखे मिले। जिसे देख पुलिस हैरान हो गयी। उसके घर से कच्ची शराब भी बरामद हुई है। सीओ अमृतपुर ने बताया की थाना अमृतपुर क्षेत्र के गांव करनपुर दत्त निबासी प्रधान पति के आपसी विवाद के चलते चाचा ने ही गोली मार दी है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जाँच की जा रही है तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जायेगी।

आखिर चाचा एक साथ रहने बाद हत्या क्यो की

मृतक अप्पा गांव में अच्छी क्षवि रखता था।वह किसी से ज्यादा मतलब नही रखता था।मानसिंह पूर्व में प्रधान रहे चुके है।लोगो की माने जब उन्होंने भतीजे को गोली मारी तो मूड में थे।लोगो का यह भी कहना है कि जबतक मानसिंह मूड नही बनाते उनके जितना कोई शरीफ आदमी नही मिलेगा लेकिन मूड बनाने के बाद यदि कोई बात हो जाये तो उनके जितना खतरनाक आदमी भी नही मिलेगा। जब घटना की जानकारी पुलिस को हुई तो जिस जगह पर वह रहते थे वहां से इतनी भारी मात्रा में खाली कारतूस मिलना यह दर्शाता है कि मान सिंह खाली कारतूसों में बारूद भरकर बेचा करते थे।सूत्रों की माने आरोपी कच्ची शराब का धंधा भी करता था।जिसकी जानकारी वह अपने परिवार को नही देते थे।।