11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

सिखलाई रेजिमेंट ने मनाया 76 वां स्थापना दिवस

जबानों द्वारा शाम के समय विभिन्न प्रकार के करतबो का आयोजन किया जायेगा।जिसमे तलवारबाजी,गटका फेक,दर्जनों प्रकार के करतबो को पेश किया जायेगा।

2 min read
Google source verification
sikh light regiment

regiment

फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ की सिखलाई रेजिमेंट सेंटर में स्थापना दिवस भव्य प्रकार से मनाया जा रहा है। सबसे पहले सेंटर के अंदर बने गुरुद्वारे में ब्रिगेडियर एस के सेंगर और अधिकारियों ने रेजिमेंट की तरक्की और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। उन्होंने सिखलाई रेजिमेंट के सभी सैनिको को बधाई भी दी है। इस रेजिमेंट की स्थापना 1941 में की गई थी तब से आज तक सिखलाई रेजिमेंट कई सम्मानों से नबाजी जा चुकी है। सेना के सभी जबानों द्वारा शाम के समय विभिन्न प्रकार के करतबो का आयोजन किया जायेगा।जिसमे तलवारबाजी,गटका फेक,दर्जनों प्रकार के करतबो को पेश किया जायेगा।

सिखलाई रेजिमेंट ने कितने युद्ध में प्रतिभाग किया
यह रेजिमेंट सिख पायनियर का हिस्सा है। जब देश की सेना ने प्रथम विश्व युद्ध 28 जुलाई 1914 से लेकर 1918 तक लड़ा था। उसके द्वितीय विश्व युद्ध 11 नवम्बर 1939 से 1945 तक सिख सेना ने लड़ा जिसमें हमारी सेना का बहुत बड़ा योगदान रहा। उसके साथ ही साथ 1962 ,1972, उसके बाद कारगिल युद्ध मे भी सिखलाई रेजिमेंट के जबानों ने अहम भूमिका निभाई थी। सेना का सिंद्धांत देग तेग फतेह(निश्चित ही अपनी जीत करू )उस समय से लेकर जो वोले सो निहाल सत्रीय काल के नारे से सैनिको के अंदर एक नया जोश भर जाता है। ब्रिगेडियर एस के सेंगर ने बताया कि आज 76 वां हमारी फौज का जन्म दिवस है जिसकी शुरुआत गुरु की अरदास से शुरू कर दी गई है।सिखलाई रेजिमेंट ने देश को दो जरनल दिए वीपी मलिक,बिक्रम सिंह यह दोनों अधिकारी सिखलाई रेजिमेंट से निकले हुए है।जिन्होंने अपनी ताकत ने देश के दुश्मनों के दाँत खट्टे कर दिए थे। एक रेजिमेंट में लगभग 25 हजार सैनिक देश की सेवा करने को हमेशा तैयार रहते है।गुरुद्वारे में अरदास धर्मगुरु सूवेदार सर्वजीत सिंह ने कराई है इस मौके पर डिप्टी कमांडर कर्नल विजय काला, कर्नल मनीष जैन, मेजर एमएम देवरा सीआर ओ कर्नल एस आर अटल,दयाशंकर,रंजन देवरानी,ब्रजभूषण सहित सेंटर के सभी अधिकारी अपने परिवार व सैनिक मौजूद रहे।