
क्या एक साल पहले बनाई गई रेप प्रूफ पेंटी को अभी तक नहीं मिला पेटेंट, जिसको मेनका गांधी ने भी सराहा था
फर्रुखाबाद. उत्तर प्रदेश में महिलाओं के साथ रेप की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ऐसी घटनाओं से बचने और कम करने के लिए एक साल पहले फर्रुखाबाद की रहने वाली 19 वर्षीय सीनू कुमारी ने महिलाओं के लिए रेप प्रूफ पेंटी का आविष्कार किया था। जो महिलाओं को हवश का शिकार बनाने वालों पर लगाम लगाएगी। जिसकी सराहना केंद्रीय बाल एवं महिला विकास मंत्री मेनका गांधी ने सीनू कुमारी को भी सराहा था और कहा था कि यह रेप प्रूफ पेंटी भविष्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बहुत ही आवश्यक है। बता दें कि केंद्रीय मंत्री मेनका ने मदद का आश्वासन दिया था कि गरीब महिलाओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण यह पैंटी और बाजार में सस्ते दामों में मिलेगी।
एक साल बीत गया लेकिन सीनू कुमारी द्वारा सिर्फ 5,000 रुपए का लागत में बनाई गई रेप प्रूफ पेंटी का कहीं भी इस्तेमाल होता नहीं दिख रहा है। जब कि सीनू ने इस पैंटी का पेटेंट कराने के लिए इलाहाबाद स्थित नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) के पास आवेदन भी भेजा था लेकिन इस पर अब तक आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई है और न ही पेटेंट मिला हैं। अगर महिलाओं को हवश का शिकार बनाने वालों से बचना है तो उन्हें भी इस रेप प्रूफ पेंटी का मांग उठानी पड़ेगी।
जानिए क्या इस की रेप प्रूफ पेंटी खासियत
सीनू कुमारी द्वारा बनाई गई रेप प्रूफ पेंटी की खासियत यह है कि रेप प्रूफ पेंटी पहनने के बाद महिलाएं अपने आपको रेप करने वालों से बचा सकती हैं। इस पैंटी में कुछ खास तरह के उपकरण लगाए गए हैं। इसमें एक स्मार्टलॉक भी लगाया गया है, जो बिना पासवर्ड के नहीं खुलेगा। इसमें एक ऐसा बटन भी लगा है, जिसे दबाने पर 100 या 1090 नंबर पर ऑटोमैटिक कॉल चली जाएगी और पुलिस जीपीआरएस की मदद से घटना स्थल पर जल्दी ही पहुंच जाएगी।
Updated on:
21 Apr 2019 09:51 am
Published on:
20 Apr 2019 09:25 pm
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