
मुकुल पाल ने दिया विवादित बयान, PC-X
फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल के एक विवादित बयान ने प्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में पूर्व जिलाध्यक्ष 'खून की होली' खेलने की बात कहते नजर आ रहे हैं। इस भड़काऊ बयानबाजी के बाद अल्पसंख्यक समुदाय में भारी रोष है और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। हालांकि, विवाद बढ़ता देख नेताजी अब 'खेद' प्रकट करते हुए अपने कदम पीछे खींचते नजर आ रहे हैं।
मामला हुसैनगंज थाना क्षेत्र के मकनपुर गांव का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो (75 सेकंड) में मुखलाल पाल एक वर्ग विशेष की ओर इशारा करते हुए कहते हैं, "हम ईद पर होली खेलेंगे… खून वाली होली। अगर कोई एक मारेगा, तो हम तमाम मारेंगे।" इस आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका गहरा गई है। सीओ सिटी प्रमोद शुक्ला के मुताबिक, वीडियो संज्ञान में है और जांच की जा रही है, हालांकि अभी तक किसी पक्ष ने लिखित तहरीर नहीं दी है।
चौतरफा आलोचना और पुलिसिया कार्रवाई के डर से मुखलाल पाल ने शुक्रवार को एक नया वीडियो जारी कर सफाई दी। उन्होंने दावा किया कि उनके बयान को संदर्भ से काटकर दिखाया जा रहा है और उन्होंने दिल्ली की किसी घटना के परिप्रेक्ष्य में यह बात कही थी। उन्होंने कहा, "यदि मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं खेद व्यक्त करता हूं और अपना कथन वापस लेता हूं।" इसके साथ ही उन्होंने पुराना विवादित वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया है। फिलहाल इस वायरल वीडियो राजस्थान पत्रिका पुष्टि नहीं करता है।
मुखलाल पाल का विवादों से चोली-दामन का साथ रहा है। जनवरी 2025 में उन पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। भाजयुमो के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अजित कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया था कि मुखलाल ने संगठन में पद दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये की मांग की थी। नकदी लेने के बावजूद उन्होंने वह राशि पार्टी फंड में जमा नहीं कराई। इस मामले में प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर जांच कमेटी भी गठित हुई थी, जिसके बाद उन्हें पद से हाथ धोना पड़ा था।
भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरने के बाद मुखलाल पाल ने अपनी ही पार्टी की तत्कालीन केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति पर मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि साध्वी की संपत्ति 3 बीघे से बढ़कर 300 बीघे हो गई है और उनके पास 50 डंपर ट्रक हैं। हालांकि, पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की शिकायत पर हुई जांच में साध्वी पर लगे सभी आरोप फर्जी पाए गए थे।
बीते साल 11 अगस्त को फतेहपुर के आबूनगर स्थित एक कथित मकबरे को 'ठाकुर विराजमान मंदिर' बताकर मुखलाल पाल ने भारी भीड़ जुटाई थी। उस दौरान तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थीं और एक अधिकारी को धमकाते हुए उनका वीडियो भी वायरल हुआ था, जिससे शहर में कई दिनों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही थी।
Updated on:
20 Mar 2026 10:01 pm
Published on:
20 Mar 2026 10:01 pm
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