
शपथ लेती राज्य मंत्री कृष्णा पासवान फोटो सोर्स फेसबुक अकाउंट
योगी सरकार के हालिया कैबिनेट विस्तार में फतेहपुर की वरिष्ठ भाजपा विधायक कृष्णा पासवान को राज्य मंत्री बनाया गया है। साधारण परिवार से निकलकर राजनीति के ऊंचे मुकाम तक पहुंचीं कृष्णा पासवान की कहानी संघर्ष, मेहनत और जमीनी राजनीति का उदाहरण मानी जा रही है। कभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में गांव-गांव साइकिल चलाकर काम करने वाली कृष्णा आज प्रदेश सरकार का हिस्सा बन गई हैं। भाजपा ने उन्हें मंत्री बनाकर पासी समाज में अपनी पकड़ और मजबूत करने का संकेत दिया है।
फतेहपुर जिले के पिलखिनी गांव में 1 अगस्त 1963 को जन्मीं कृष्णा पासवान बेहद साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता दर्शन पासवान मजदूरी कर परिवार चलाते थे। आर्थिक परेशानियों के कारण कृष्णा ज्यादा पढ़ाई नहीं कर सकीं। केवल दसवीं तक ही शिक्षा हासिल कर पाईं। कम उम्र में ही उनकी शादी श्रीपाल पासवान से हो गई। शादी के बाद परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ीं तो उन्होंने 1985 में गोपालपुर कुसुंबी गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में काम शुरू किया। उस दौर में वह साइकिल से गांवों में जाकर महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं पर काम करती थीं।
आंगनबाड़ी में काम करते हुए कृष्णा ने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को करीब से समझा। यही अनुभव बाद में उनके राजनीतिक सफर की नींव बना। 1995 में उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद भाजपा संगठन में उनकी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ती गईं। वह महिला मोर्चा की जिला मंत्री रहीं। बाद में मंडल अध्यक्ष भी बनीं।
साल 2002 में कृष्णा पासवान पहली बार किशनपुर विधानसभा सीट से विधायक चुनी गईं। हालांकि 2007 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए 2012 में खागा सीट पर जीत दर्ज की। इसके बाद 2017 और 2022 में भी उन्होंने लगातार जीत हासिल कर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की। वर्तमान में वह खागा सीट से चौथी बार विधायक हैं।
फरवरी 2026 में कृष्णा पासवान उस समय सुर्खियों में आईं। जब उन्होंने सड़क निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल होने की शिकायत मिलने पर खुद मौके पर पहुंचकर फावड़े से सड़क खोद डाली। जांच के दौरान सड़क हाथ से उखड़ने लगी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद उन्होंने निर्माण कार्य रुकवाने के साथ अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, भाजपा ने कृष्णा पासवान को मंत्री बनाकर प्रदेश के पासी समाज को बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में पासी समुदाय का कई सीटों पर प्रभाव माना जाता है। भाजपा लगातार इस वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी हुई है।
Updated on:
11 May 2026 11:32 am
Published on:
11 May 2026 11:29 am
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