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मां की गोद में बेटे ने ली आखिरी सांसें, भाभी और देवर करते बहुत प्यार, फिर खत्म हो गई तीन जिंदगियां

फतेहपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र में मां, बेटे और चाचा की संदिग्ध मौत से सनसनी फैल गई। कमरे में सुसाइड नोट और चाय के गिलास मिलने से आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है।

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मां, बेटा और चाचा की रहस्यमयी मौत

मां, बेटा और चाचा की रहस्यमयी मौत

Fatehpur Crime News: यूपी के फतेहपुर में एक परिवार की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया है। लखनऊ बाईपास पर स्थित सुशील श्रीवास्तव के घर में मां, बेटा और चाचा की मौत हो गई। यह मामला आत्महत्या है या हत्या, यह अभी साफ नहीं हुआ है। पुलिस जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। फतेहपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ बाईपास के पास यह घर है। शाम के समय अचानक खबर फैली कि घर में सामूहिक हत्या या आत्महत्या हुई है। लोग दौड़े-दौड़े वहां पहुंचने लगे। परिवार कुछ साल पहले ही यहां आकर बसा था। स्थानीय लोगों से उनका ज्यादा जुड़ाव नहीं था। उनका मूल घर मुराइनटोला में है। परिवार में सुशील श्रीवास्तव, उनकी पत्नी, बेटा अमर और देवर सुनील शुक्ला रहते थे।

अमर का स्वभाव और कर्ज की समस्या

परिवार का इकलौता बेटा अमर श्रीवास्तव बहुत सीधा-सादा और सरल लड़का था। लोग उसे बहुत पसंद करते थे और परिवार को अमर की वजह से ही जानते थे। अमर को मां और चाचा से बहुत लगाव था। मां और चाचा भी अमर के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते थे। लेकिन अमर की आर्थिक हालत खराब थी। वह लोगों से कर्ज लेता रहता था। एक दिन पहले उसने एक दोस्त से 10 हजार रुपये उधार लिए थे। होली के समय बहनोई अनमोल से भी 10 हजार लिए थे। वह 4 से 5 लाख रुपये तक कर्ज मांग रहा था। अक्सर वह पैसे के लेन-देन में लगा रहता था। बहनोई का कहना है कि तीनों की मौत आत्महत्या नहीं हो सकती। उन्होंने हत्या की आशंका जताई है।

कमरे का नजारा और चाय के गिलास

घटना वाला कमरा छोटा था, लगभग 8 फीट चौड़ा और 13 फीट लंबा। मां की गोद में अमर का सिर रखा हुआ था। ऐसा लग रहा था कि मरने से पहले अमर मां के आंचल में मुंह छिपाकर रोया होगा। कमरे में चाय के खाली गिलास पड़े थे। पुलिस को शक है कि तीनों ने चाय में जहर (सल्फास) मिलाकर पीया होगा। तड़प उठने पर ब्लेड से खुद पर हमला किया। मौके पर ब्लेड का पैकेट भी मिला है।

सुसाइड नोट में तीन लोगों का जिक्र

पुलिस को कमरे में एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें अमर ने लिखा है कि आर्थिक हालत बिगड़ गई है। कर्जदारों से बहुत परेशान था। कर्ज से तंग आकर सामूहिक आत्महत्या करने का फैसला किया। नोट में तीन लोगों के नाम लिखे हैं, जिन्हें जिम्मेदार ठहराया गया है। एसओजी और इंटेलिजेंस टीम ने उन तीनों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सुसाइड नोट के आधार पर मुकदमा दर्ज हो सकता है।

खूनी संघर्ष के निशान

कमरे में मां और बेटे के शव एक जगह पड़े थे। करीब तीन फीट दूर देवर सुनील शुक्ला घायल हालत में मिला। घटनास्थल देखकर लगता है कि तीनों के बीच जोरदार संघर्ष हुआ था। इसमें देवर भारी पड़ गया। पुलिस दो पहलुओं पर जांच कर रही है। पहला-किसी बात पर झगड़ा हुआ। विवाद बढ़ा तो एक-दूसरे पर हमला किया। देवर ने भाभी और भतीजे को मार डाला और फिर खुदकुशी कर ली। दूसरा- तीनों ने जहर खाया और ब्लेड से खुद को चोट पहुंचाई, यानी सामूहिक आत्महत्या।

अभी क्या साफ है?

मां और बेटे के शव खून से लथपथ थे। देवर को अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। फॉरेंसिक टीम ने जांच की है। पोस्टमार्टम से पता चलेगा कि मौत जहर से हुई या ब्लेड के घाव से। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। इलाके में इस घटना से सनसनी फैली हुई है। लोग सदमे में हैं। सच क्या है, यह रिपोर्ट आने पर ही पता चलेगा।