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पाकिस्तानी गोलाबारी में शहीद हुआ फतेहपुर का लाल, 20 जून को थी शादी

5 जून को आने वाला था घर, मगर पहले पहुंच गई शहादत की खबर
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फतेहपुर

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Sarweshwari Mishra

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Updated: 3 Jun 2018, 2:37 PM IST

Martyr Vijay Pandey

Martyr Vijay Pandey

फतेहपुर. फतेहपुर के चांदपुर थाना क्षेत्र के सठिगंवा गांव निवासी बीएसएफ का जवान जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर शनिवार की देर रात पाकिस्तान की गोलेबारी में शहीद हो गया। खबर मिलते ही शहीद के गांव में मातम छा गया। रविवार सुबह से ही गांव वाले पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पहुंचे। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी पीड़ित परिजनों से सम्पर्क किया। रविवार सुबह अधिकारी भी उनके घर पहुंचे। शहीद का शव सोमवार को गांव लाया जाएगा। घटना के बाद केन्द्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और प्रदेश के कारागार मंत्री जयकुमार जैकी ने भी शहीद के परिजनों से सम्पर्क किया है। रविवार की दोपहर तक दोनों मंत्री शहीद के घर पहुंचेंगे।


बता दें कि सठिगंवा गांव फतेहपुर निवासी राजू पांडेय किसान हैं। उनका बेटा विजय कुमार पाण्डेय बीएसएफ में जवान थे। वर्तमान में विजय की पोस्टिंग 33वीं बटेलियन बीएसएफ में थी। वह जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में तैनात थे। परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार देर रात अखनूर सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से भारी गोलाबारी की गई। घटना में विजय और उनके एक साथी सत्य नारायण यादव शहीद हो गए। बीएसएफ की तरफ से देर रात विजय के परिजनों को सूचना दी गई। गांव में सूचना मिलते ही कोहराम मच गया। विजय के घर से रोने और चिल्लाने की आवाज सुनकर अन्य ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए। रविवार सुबह से ही पूरा गांव पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में लगा है।


4 जुलाई 2012 में बीएसएफ में हुए थे भर्ती
विजय के परिवार में पिता के अलावा एक भाई अजय पाण्डेय हैं जो नगर निगम कानपुर में नौकरी करते हैं। विजय की शुरुआती पढ़ाई गांव के ही प्राइमरी विद्यालय से हुई थी। उसके बाद उन्होंने आदर्श इंटर कॉलेज सालेपुर से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। कानपुर में डिग्री कॉलेज में इन्होंने पढ़ाई शुरू की थी उसी दौरान बीएसएफ में तैनाती हो गई। 4 जुलाई 2012 को विजय बीएसएफ में भर्ती हुए थे।

20 जून को थी शादी, मां को मिली बेटे के शहादत की पहली सूचना
शहीद विजय पाण्डेय 5 जून से छुट्टी पर घर आने वाला था। 20 जून को उसकी शादी और 15 जून को तिलक था। घटना के बाद बीएसएफ की तरफ से फोन किया गया तो विजय की मां सविता देवी ने फोन उठाया। बेटे के शहीद होने की पहली सूचना मां को मिली। सूचना मिलते ही सविता देवी के हाथ से फोन गिरा और वह खुद रोते हुए जमीन पर बैठ गई।

By- Rajesh Singh

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