फतेहपुर. पुलिस वाले हैं तो कुछ भी कर लेंगे, ये बात हर वक्त सच नहीं होती। कभी-कभी ऊपर वाला उन पर भारी पड़ जाता है तो लेने के देने पड़ते हैं। भागने की जगह नहीं मिलती। फतेहपुर के दरोगा और पांच पुलिस वालों से पूछिये उनको इस बात का अच्छे से एहसास हो चुका है। उन्होंने वही सोचा था जो ऊपर की लाइन में लिखा है। पर बात खुल गई और अधिकारी ने उनकी सारी हेकड़ी और चालाकी निकाल दी। हुआ ये था कि फतेहपुर के जहानागंज थानाक्षेत्र में दिवाली की रात दारागंज इलाके में एक एसआई मुकेश कुमार, सिपाही सुरेन्द्र यादव, वेदमणि ओझा, महेन्द्र यादव और विपिन मिश्रा ने जुएखाने पर छापेमारी की। गए तो जुआड़ियों को पकड़ने पर बताया गया है कि उन्हें वहां जुआड़ी बाद में दिखे जुए के 35 हजार रुपये पहले दिख गए। फिर क्या था, रुपये मिलकर हजम कर लिये और जुआड़ियों पर दया दिखा दी, उन्हें जाने दिया। पर पांचों के बीच का यह राज जान कैसे एसपी श्रीपर्णा गांगुली तक पहुंच गया और उन्होंने सभी को निलंबित कर उनके खिलाफ जांच शुरू करवा दी।
by RAJESH SINGH