फतेहपुर. योगी सरकार में शामिल मंत्री जय कुमार जैकी पर गंभीर आरोप लगा है। मंत्री पर निर्दोष लोगों को जेल भिजवाने के लिये पुलिस पर दवाब बनाने का आरोप है। केस डायरी से हुए इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है।
बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल के मंत्री जय कुमार जैकी के इशारे पर जिले के थानों में हो रही विवेचनाएं में निर्दोष जेल भेजे जा रहे हैं। मामला 09 अप्रैल 2017 का है, चांदपुर थाने के कस्बा चांदपुर में दिनदहाड़े हुई गांव में दो पक्षों के बीच दीवार बनाने को लेकर बैठी पंचायत में लाठी डंडे चला था। घटना के बाद एक पक्ष से मेवालाल ने लाठी डंडे से महिपाल पर हमला कर दिया और उपचार के दौरान महिपाल की मौत हो गई। मामले में तीन लोगों को जेल भेजा गया था।
आरोप है कि गैर इरादतन हत्या के इस मामले में महिपाल के परिजनों की शिकायत के बाद मंत्री के इशारे पर निर्दोषों को फंसा दिया गया, यह थाने के तत्कालीन एसओ विवेचक राधेश्याम राव ने 31 जनवरी 2017 को अपनी केस डायरी में दर्ज किया है जो पुख्ता सबूत है। पुलिस ने अपनी केस डायरी में साफ कर दिया है कि गैर इरादतन हत्या के इस मामले में मुकदमा वादी रामदास अपना दल का नेता है और जेल मंत्री जयकुमार के गांव में उसकी ससुराल है इसलिये ये कारागार मंत्री निर्दोषों को जेल भेजवा रहे हैं। हालांकि बाद में मेवालाल के परिजन जेल में छूट गये।
जेल से छूट आकर आने के बाद मेवालाल के परिजन और रिटायर्ड शिक्षक चंद्रपाल ने सरकार समेत पूरे सिस्टम को पत्रचार कर मंत्री और दबंगों की गठजोड़ के साथ हमदर्द पुलिस की दस्ता बयां कर दी, जिसके बाद कारागार मंत्री के दाहिने हाथ पर जान से मारने की धमकी भी दी थी।
14 जून 2018 को कानपुर स्टेशन में संदिग्ध हालत में रिटायर्ड शिक्षक चंद्रपाल का शव पाया गया, जिसके बाद एक बार फिर इस मामले ने तूल पकड़ लिया। मामला हाईप्रोफाइल होने की वजह से पुलिस के अफसर भी बचते नजर आ रहे हैं और पीड़ित न्याय के लिये भटक रहा है।
BY- RAJESH SINGH