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Akshay Tritiya 2024: अक्षय तृतीया पर सोना खरीदारी का ये है शुभ मुहूर्त, जानें सभी 6 शुभ योग और पूजा विधि

Akshay Tritiya 2024: वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया कहा जाता है। ये बेहद शुभ अबूझ मुहूर्त है। मान्यता है कि इस दिन पूजा पाठ आदि के फल का क्षय नहीं होता। मान्यता है इस दिन शुभ के लिए खरीदारी करना चाहिए, इससे उसमें वृद्धि होती है। आइये जानते हैं अक्षय तृतीया पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त क्या है और इस दिन पूजा की विधि क्या है।

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Akshay Tritiya Gold shopping Muhurat 2024

अक्षय तृतीया सोना खरीदारी मुहूर्त 2024

Akshay Tritiya 2024: सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है, इसे अक्खा तीज के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों ही अपनी उच्च राशि वृषभ में होते हैं, इसलिए शुभ और धार्मिक कार्यों का फल अक्षय हो जाता है यानी फल खत्म नहीं होता। मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में तरक्की मिलती है।

इस दिन सोना-चांदी खरीदना भी शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन परशुराम, नर-नारायण, हयग्रीव का अवतार हुआ था। इसी दिन से बद्रीनाथ के कपाट भी खुलते हैं और इसी दिन वृंदावन में भगवान बांके बिहारी के चरणों के दर्शन होते हैं। इस दिन पूजा पाठ, दान पुण्य करना चाहिए।

कब है अक्षय तृतीया शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार वैशाख शुक्ल तृतीया यानी अक्षय तृतीया तिथि की शुरुआत इस बार 10 मई को सुबह 4.17 बजे होगी और इस तिथि का समापन 11 मई को रात 2.50 बजे होगा। इसलिए अक्षय तृतीया 10 मई शुक्रवार को मनाई जाएगी।

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अक्षय तृतीया खरीदारी का मुहूर्त और 6 शुभ योग

पंचांग के अनुसार अक्षय तृतीया का पूजन मुहूर्त 10 मई को सुबह 5.33 बजे से लेकर दोपहर 12.18 बजे तक है। इस मुहूर्त में ही सोना या चांदी की खरीदारी करना शुभ है। इसके अलावा अक्षय तृतीया के दिन इस बार दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है। इस बार अक्षय तृतीया पर धन योग, गजकेसरी योग, शुक्रादित्य योग, रवि योग, शश योग और सुकर्मा योग का निर्माण होगा, जो कि बेहद शुभ संयोग है।


पंचांग के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन शनि शश राजयोग का निर्माण करेंगे. मंगल और बुध की युति से मीन में धन योग का निर्माण करेंगे। इसके अलावा बृहस्पति और चंद्रमा की वृषभ राशि में उपस्थिति गजकेसरी योग का निर्माण करेगी।

अक्षय तृतीया पूजा विधि

  1. जो व्यक्ति इस दिन व्रत रख रहा है, उसे सुब उठकर स्नान करने के बाद पीले रंग के वस्त्र पहनने चाहिए।
  2. अब घर में विष्णु जी की मूर्ति को गंगाजल से स्नान कराएं और तुलसी, पीले फूलों की माला चढ़ाएं।
  3. इसके बाद धूप और घी की बाती का दीपक जलाएं और पीले आसन पर बैठकर पूजा करें।
  4. विष्णु सहस्रनाम, विष्णु चालीसा का पाठ करें और विष्णु जी की आरती करें।
  5. किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान दें या भोजन कराएं।

61 साल बाद बनेगा ऐसा संयोग

पं. शिवम तिवारी के अनुसार अक्षय तृतीया अबूझ मुहूर्त है यानी इस दिन शुभ काम के लिए मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती है। लेकिन 61 साल बाद शुक्र ग्रह अस्त होने के कारण शादी का एक भी मुहूर्त नहीं है। दूसरे मांगलिक कार्य भी नहीं होंगे।