
christmas jesus birth celebration
पूरे संसार में क्रिसमस मनाया जाता है। निश्चित रूप से क्रिसमस महान उत्सव है लेकिन यह किस कारण मनाया जाता है? कई बार इसे मनाने के उचित कारण नहीं होते हैं। क्रिसमस की आपाधापी के बीच में, हम यह भूल जाते हैं कि क्रिसमस प्रभु यीशु का जन्मोत्सव है। क्रिसमस का वास्तविक सितारा प्रभु यीशु मसीह है। प्रभु यीशु मसीह परमेश्वर के द्वारा संसार को दिया गया दान है।
प्राचीन काल से ही मानव जाति दैवीय पथ की खोज रही है, लेकिन परमेश्वर और ईश्वर के बीच में अनंत अंतर है। यह किसी भी मानवीय प्रयास के द्वारा भरा नहीं जा सकता है। इस मानवीय प्रयास को हम धर्म कहते हैं। अत: भारतीय जनमानस एक अवतार अवतरण की राह देख रहा था, ताकि यह अंतराल सर्वदा के लिए भरा जा सके।
इस अवतार की अवधारणा यजुर्वेद के अनुसार एक कुंवारी (कन्याशुत्या) के द्वारा होनी थी, ताकि वो अपने जन्म से निष्पाप रहे। इस अवतार के अंदर यह स्वेच्छा भी होनी थी कि वह निम्नतम को भी प्राप्त करें। ताकि वह समस्त जरूरतमंदों की पहुुंच में रह सके। वह स्वैच्छिक मृत्यु के लिए भी तैयार रहे, जो उसे पांच अघात के द्वारा प्राप्त हो। (पंचगया नमा:) यह इस बात के लिए आवश्यक है कि मानव जाति के पांचों इंद्रियों के द्वारा किए गए पापों का निर्मूलीकरण हो।
प्रभु यीशु मसीह ने कुंवारी मरीयम के द्वारा एक चरणी में जन्म लिया और अपने आप को गरीबों में गरीबतम के साथ समाहित कर मानव जाति के उद्धारकर्ता के रूप में क्रूस पर स्वैच्छिक रुप से प्राण न्यौछावर किए। प्रभु यीशु मसीह का जन्मदिन- क्रिसमस इन कारणों से वैश्विक त्योहार है, क्योंकि वह समस्त विश्व के उद्धारकर्ता है।
क्रिसमस का संदेश यह है - परमेश्वर मसीह यीशु के द्वारा संसार के साथ स्वयं का मेल-मिलाप कर लिया। प्रभु यीशु जो हमारे लिए करते है वो हम अपने लिए स्वयं नहीं कर सकते। वे हमारे आत्मग्लानि को दूर करके परमेश्वर से हमारा मेल-मिलाप कराते है। क्रिसमस हमें बतलाता है कि परमेश्वर इस संसार को बचाने की क्या कीमत अदा करते हैं। क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम किया कि उसने अपना एकलौता बेटा दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करें वो नाश न हो परंतु अनंत जीवन पाए।

Published on:
25 Dec 2015 09:17 am
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