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Basant Panchami 2026 Date: बसंत पंचमी : आखिर सही तारीख क्या है 23 या 24 जनवरी? यहां जानिए सबकुछ शुभ मुहूर्त, योग और खास बातें

Basant Panchami 2026 Date : बसंत पंचमी 2026 की पूरी जानकारी: तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा की सबसे सरल विधि।

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भारत

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Manoj Vashisth

Jan 22, 2026

Basant Panchami 2026 Date

Basant Panchami 2026 Date : बड़ी उलझन! 23 या 24 जनवरी—कब है बसंत पंचमी? शुभ मुहूर्त और सही तारीख यहाँ जानें! (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)

Basant Panchami 2026 Date : बसंत पंचमी का त्योहार बस आने ही वाला है। हिंदू संस्कृति में इसे ज्ञान, समझदारी और नई शुरुआत का दिन मानते हैं। इस दिन लोग देवी सरस्वती की पूजा करते हैं। वो देवी जिन्हें ज्ञान, वाणी और कला की देवी कहा जाता है। पूजा में लोग देवी को उनकी पसंदीदा चीजें चढ़ाते हैं, जैसे मिठाई, फल और खास तौर पर पीले रंग के कपड़े। मान्यता है कि ऐसा करने से देवी का आशीर्वाद मिलता है। लोग मानते हैं कि इस दिन की गई पूजा पुराने बुरे असर को दूर करती है और समझदारी की राह खोलती है।

अब इस साल तारीख को लेकर थोड़ा कंफ्यूजन है। कुछ लोगों को लग रहा है कि बसंत पंचमी 23 को है, तो कुछ कहते हैं 24 को। असल में, ज्योतिषी अनीष व्यास ने इस पर साफ-साफ जानकारी दी है।

बसंत पंचमी कब है? | Basant Panchami 2026 Date

द्रिक पंचांग के हिसाब से, बसंत पंचमी हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर आती है। 2026 में ये त्योहार शुक्रवार, 23 जनवरी को पड़ेगा।

पंचमी तिथि की शुरुआत: 23 जनवरी, सुबह 2:33 बजे

पंचमी तिथि का समापन: 24 जनवरी, सुबह 1:46 बजे

चूंकि 23 तारीख को पूरा दिन पंचमी तिथि रहेगी, बसंत पंचमी इसी दिन मनाई जाएगी।

सरस्वती पूजा के लिए शुभ मुहूर्त

इस साल सरस्वती पूजा का सबसे अच्छा वक्त रहेगा - 23 जनवरी को सुबह 7:33 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक।

बसंत पंचमी 2026: खास शुभ योग

ज्योतिष के मुताबिक बसंत पंचमी का दिन बहुत शुभ होता है। इसे अबूझ मुहूर्त में गिना जाता है, यानी शादी, गृह प्रवेश, नई गाड़ी खरीदना या नया बिजनेस शुरू करने जैसा कोई भी बड़ा काम बिना किसी और मुहूर्त के किया जा सकता है। 2026 में इस दिन खासतौर पर दो दुर्लभ योग बन रहे हैं। परिधि योग और शिव योग। ये दोनों योग आध्यात्मिक तरक्की और सफलता के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। इसके अलावा, रवि योग भी रहेगा, जो नेगेटिविटी कम करता है और इज्जत-प्रतिष्ठा बढ़ाता है।

इन योगों में की गई पूजा और अच्छे कामों का असर लंबा रहता है। खास बात, रवि योग 23 जनवरी दोपहर 2:33 बजे से 24 जनवरी सुबह 7:13 बजे तक रहेगा।

बसंत पंचमी के खास अनुष्ठान

इस दिन सुबह स्नान करके पीले कपड़े पहनें, ये बहुत शुभ माना जाता है।

  • देवी सरस्वती की मूर्ति या फोटो को पीले कपड़े पर रखें।
  • पूजा में सिंदूर, मौली, हल्दी, केसर, अक्षत, पीले या सफेद फूल, और पीली मिठाई चढ़ाएं।
  • देवी की स्तुति में प्रार्थना करें, भजन गाएं।
  • किताबें और वाद्य यंत्र पूजा स्थल पर रखें, ताकि पढ़ाई और रचनात्मकता का आशीर्वाद मिले।
  • बच्चों को भी पूजा में शामिल करें और उन्हें खासतौर पर शिक्षा के लिए आशीर्वाद दें।

बसंत पंचमी असल में वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है, इसलिए देवी को गुलाब के फूल चढ़ाना भी एक पुरानी परंपरा है। इसके अलावा, लोग एक-दूसरे को गुलाल भी लगाते हैं। त्योहार में बस कुछ ऐसी ही रौनक रहती है।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

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