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दत्तात्रेय जयंती : मिलेगी पितृदोष से मुक्ति, होगी हर इच्छा पूरी, करें ये काम

दत्तात्रेय जयंती : मिलेगी पितृदोष से मुक्ति, होगी हर इच्छा पूरी, करें ये काम

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भोपाल

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Shyam Kishor

Dec 09, 2019

दत्तात्रेय जयंती : पितृदोष से मुक्ति एवं इच्छा पूर्ति के लिए करें ये काम

दत्तात्रेय जयंती : पितृदोष से मुक्ति एवं इच्छा पूर्ति के लिए करें ये काम

इस साल 2019 दत्तात्रेय जयंती मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 12 दिसंबर को है। दत्तात्रेय भगवान को तंत्राधिपति भी कहा जाता है और जो भी मनुष्य हर दिन भगवान दत्तात्रेय का ध्यान करते हुए उनके बीज मंत्रों का जप करता है उनकी सभी इच्छाएं पूरी हो जाती है। मंत्र जप के साथ श्री नारद पुराण में रचित दिव्य स्तोत्र का पाठ ने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर होने के साथ पितृदोष से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है और उन्नति होने लगती है। दत्तात्रेय की जयंती से लगातार 3 माह तक इस स्तुति का पाठ करने से मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।

दत्तात्रेय जयंती के दिन भगवान दत्तात्रेय जी के इस बीज मंत्र का एक हजार (1000) बार जप करने से यह मंत्र सिद्ध हो जाता है एवं जपकर्ता की सभी मनोकामनाएं पूरी करने लगता है। इस दत्तात्रेय मंत्र का जप करते समय गाय के घी एक दीपक तीन बत्ती वाला जलते रहना चाहिए और मंत्र का जप कुशा के या कंबल के आसन पर बैठकर ही करना चाहिए।

दत्तात्रेय मंत्र

।। ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नम: ।।

।। श्री दत्तात्रेय स्तोत्र ।।

जटाधरं पाण्डुराङ्गं शूलहस्तं कृपानिधिम्।
सर्वरोगहरं देवं दत्तात्रेयमहं भजे॥

अस्य श्रीदत्तात्रेयस्तोत्रमन्त्रस्य भगवान् नारदऋषिः।
अनुष्टुप् छन्दः। श्रीदत्तपरमात्मा देवता।
श्रीदत्तप्रीत्यर्थे जपे विनियोगः॥
जगदुत्पत्तिकर्त्रे च स्थितिसंहार हेतवे।
भवपाशविमुक्ताय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते।।

जराजन्मविनाशाय देहशुद्धिकराय च।
दिगम्बरदयामूर्ते दत्तात्रेय नमोऽस्तुते।।
कर्पूरकान्तिदेहाय ब्रह्ममूर्तिधराय च।
वेदशास्त्रपरिज्ञाय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते॥
र्हस्वदीर्घकृशस्थूल-नामगोत्र-विवर्जित।
पञ्चभूतैकदीप्ताय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते॥

यज्ञभोक्ते च यज्ञाय यज्ञरूपधराय च।
यज्ञप्रियाय सिद्धाय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते॥
आदौ ब्रह्मा मध्य विष्णुरन्ते देवः सदाशिवः।
मूर्तित्रयस्वरूपाय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते॥
भोगालयाय भोगाय योगयोग्याय धारिणे।

जितेन्द्रियजितज्ञाय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते॥
दिगम्बराय दिव्याय दिव्यरूपध्राय च।
सदोदितपरब्रह्म दत्तात्रेय नमोऽस्तुते॥
जम्बुद्वीपमहाक्षेत्रमातापुरनिवासिने।
जयमानसतां देव दत्तात्रेय नमोऽस्तुते॥

भिक्षाटनं गृहे ग्रामे पात्रं हेममयं करे।
नानास्वादमयी भिक्षा दत्तात्रेय नमोऽस्तुते॥
ब्रह्मज्ञानमयी मुद्रा वस्त्रे चाकाशभूतले।
प्रज्ञानघनबोधाय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते॥
अवधूतसदानन्दपरब्रह्मस्वरूपिणे।
विदेहदेहरूपाय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते॥

अन्नपूर्णा जयंती : श्री अन्नपूर्णिमा चालीसा पाठ

सत्यंरूपसदाचारसत्यधर्मपरायण।
सत्याश्रयपरोक्षाय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते॥
शूलहस्तगदापाणे वनमालासुकन्धर।
यज्ञसूत्रधरब्रह्मन् दत्तात्रेय नमोऽस्तुते॥
क्षराक्षरस्वरूपाय परात्परतराय च।
दत्तमुक्तिपरस्तोत्र दत्तात्रेय नमोऽस्तुते॥

दत्त विद्याढ्यलक्ष्मीश दत्त स्वात्मस्वरूपिणे।
गुणनिर्गुणरूपाय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते॥
शत्रुनाशकरं स्तोत्रं ज्ञानविज्ञानदायकम्।
सर्वपापं शमं याति दत्तात्रेय नमोऽस्तुते॥
इदं स्तोत्रं महद्दिव्यं दत्तप्रत्यक्षकारकम्।
दत्तात्रेयप्रसादाच्च नारदेन प्रकीर्तितम्॥

॥ इति श्रीनारदपुराणे नारदविरचितं दत्तात्रेयस्तोत्रं सुसम्पूर्णम्॥

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