
diwali shubh muhurat
रोशनी का त्योहार दिवाली बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए मनाया जाता है। यह पर्व धन की देवी लक्ष्मी और राम और सीता की कथा के सम्मान में मनाया जाता है। दिवाली कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि को होती है। इस बार दिवाली 27 अक्टूबर को है। ये त्योहार 5 दिन मनाया जाता है। जिसमें तीसरे दिन दिवाली होती है। आइये जानते हैं कि किस दिन कौन सा त्यौहार है...
पहला दिन धनतेरस: दिवाली के पहले दिन धनतेरस होता है। धनतेरस यानी अपने धन को तेरह गुणा बढ़ाने का दिन है। कहा जाता है कि इस दिन भगवान धनवंतरि का जन्म हुआ था। इस दिन धातु खरीदना भी बेहद शुभ माना जाता है। धनतेरस के दिन सोने-चांदी के बर्तन खरीदना भी शुभ माना जाता है।
दूसरा दिन छोटी दिवाली: धनतेरस के एक दिन बाद और दिवाली से एक दिन पहले छोटी दिवाली मनाई जाती है। छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन रात को घर के बाहर यम की पूजा की जाती है।
तीसरा दिन अमावस्या: दिवाली के तीसरे दिन अमावस्या होती है। इस दिन दिवाली मनाई जाती है और लक्ष्मी पूजन किया जाता है।
चौथा दिन गोवर्धन पूजा: दिवाली के चौथे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। इसी दिन अन्नकूट का त्यौहार मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन 56 भोग बनाकर गोवर्धन की पूजा करने को कहा था, तब ही से यह परंपरा चली आ रही है।
5वां दिन भाई दूज: आखिरी दिन भाई दूज का त्योहरा मनाया जाता है। इसे यमद्वितिया भी कहा जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की लम्बी आयु की कामना करती हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार भाई इस दिन बहन के घर जाकर भोजन करता है और तिलक करवाता है।
Published on:
25 Oct 2019 03:38 pm
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