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दिवाली 2022: रोशनी के त्योहार दीपावली का महत्व, इतिहास, तिथि, समय और पूजा मुहूर्त

दिवाली 2022: महत्व, इतिहास, तिथि, समय, पूजा मुहूर्त और वह सब जो आप जानना चाहते हैं
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Deepesh Tiwari

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Updated: 14 Oct 2022, 5:32 PM IST

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हिंदुओं के प्रमुख त्यौहारों में से एक दीपावली Deepawali पांच दिवसीय पर्व है। वहीं इसमें से भी इस का सबसे खास पर्व दिवाली Diwali माना जाता है जो दुनिया भर में हिंदुओं द्वारा मनाए जाने वाले सबसे बड़े और शुभ त्योहारों में से एक है। रोशनी का त्योहार शांति और खुशी का प्रतीक है, बुराई पर अच्छाई की जीत, और हर दिन अंधेरे पर प्रकाश। यह सबसे प्रतीकात्मक हिंदू त्योहारों में से एक है, और देश के सभी समुदाय इसे बहुत धूमधाम से मनाते हैं। इस त्योहार के दौरान, लोग अपने घरों को साफ करते हैं, हर कोने को रोशनी, दीयों, फूलों, रंगोली और मोमबत्तियों से सजाते हैं। परिवार भी लक्ष्मी पूजा करते हैं और धन की देवी से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें स्वास्थ्य, धन और समृद्धि का आशीर्वाद मिले।

दिवाली 2022 दिनांक:
हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार कार्तिक महीने के 15 वें दिन दिवाली मनाई जाती है। इस वर्ष दीपावली का पर्व रविवार,23 अक्टूबर 2022 से शुरु हो रहा है, वहीं इसका मुख्य त्यौहार दिवाली Diwali 2022 सोमवार 24 अक्टूबर 2022 को पड़ रहा है।

इस साल कार्तिक माह की अमावस्या तिथि 24 और 25 अक्टूबर दोनों दिन पड़ रही है। लेकिन 25 अक्टूबर को अमावस्या तिथि प्रदोष काल से पहले ही समाप्त हो रही है। वहीं 24 अक्टूबर को प्रदोष काल में अमावस्या तिथि होगी। 24 अक्टूबर को निशित काल में भी अमावस्या तिथि होगी। इसलिए इस साल 24 अक्टूबर को ही पूरे देश में दीवाली का पर्व मनाया जाएगा।

दिवाली का इतिहास:
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, अयोध्या के राजकुमार, भगवान राम, दीवाली के शुभ अवसर पर अपनी पत्नी माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ घर लौटे थे। वे 14 साल वनवास में बिताने और लंका के राजा रावण को हराने के बाद अयोध्या वापस आए। अयोध्या के लोगों ने दीपों और दीयों की कतारें जलाकर अपनी वापसी का जश्न बड़े उत्साह के साथ मनाया था। यह परंपरा आज तक जारी है और इसे दिवाली के त्योहार के रूप में मनाया जाता है।

दिवाली Diwali Significance का महत्व:
दिवाली रोशनी का त्योहार है जो बुराई पर अच्छाई की जीत और हमारे जीवन से अंधेरे छाया, नकारात्मकता और शंकाओं के उन्मूलन का प्रतीक है। यह समृद्धि का उत्सव है जिसमें लोग अपने प्रियजनों को उपहार देते हैं। यह त्यौहार स्पष्टता और सकारात्मकता के साथ हमारे भीतर के स्वयं को प्रकाशित करने का संदेश भी भेजता है।

दिवाली 2022 का समय और पूजा मुहूर्त: Diwali 2022 auspicious time
लक्ष्मी पूजा दिवाली समारोह के सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक है। लोग इस दिन धन की देवी से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रार्थना करते हैं और स्वास्थ्य, धन और समृद्धि की कामना करते हैं।

पंडित केसी व्यास के अनुसार लक्ष्मी पूजा करने का शुभ मुहूर्त शाम 24 अक्टूबर शाम 06:53 से रात 8:16 तक समाप्त होगा। अवधि 1 घंटा 23 मिनट की होगी।

कार्तिक अमावस्या तिथि 24 अक्टूबर को शाम 5:29:35 से शुरू होगी, अगले दिन अक्टूबर 25, 2022 को शाम 4:20:38 तक रहेगी।

अमावस्या निशिता काल: 23:39 से 00:31, 24 अक्टूबर
कार्तिक अमावस्या सिंह लग्न: 00:39 से 02:56, 24 अक्टूबर
दिवाली 2022: 24 अक्टूबर 2022 को
अभिजीत मुहूर्त: 24 अक्टूबर सुबह 11:19 से दोपहर 12:05 तक
विजय मुहूर्त: 24 अक्टूबर दोपहर 01:36 से 02:21 तक

अन्य मुहूर्त : 24 अक्टूबर 2022
अभिजीत मुहूर्त : 11:19 AM से 12:05 PM
अमृत काल मुहूर्त : 08:40 AM से 10:16 AM
विजय मुहूर्त : 01:36 PM से 02:21 PM
गोधूलि मुहूर्त : 05:12 PM से 05:36 PM
सायाह्न संध्या मुहूर्त : 05:23 PM से 06:39 PM
निशिता मुहूर्त : 11:17 PM से 12:08 AM, Oct 25
ब्रह्म मुहूर्त : 04:20 AM, Oct 25 से 05:11 AM, Oct 25
प्रातः संध्या : 04:46 AM, Oct 25 से 06:01 AM, Oct 25