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First Wednesday of Sawan- सावन का पहले बुधवार में श्री गणेशजी को ऐसे करें प्रसन्न

- भगवान श्री गणेश जी बुधवार के कारक देव हैं

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Deepesh Tiwari

Jul 04, 2023

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Sawan Wednesday Importance: भगवान शिव का प्रिय महीना सावन शुरु हो चुका है। ऐसे में जहां सावन का पहला दिन देवी मां पार्वती के नाम मंगला गौरी व्रत के रूप में रहा, तो वहीं सावन का दूसरा दिन भगवान शिव के पुत्र श्रीगणेश को प्रसन्न करने के लिए विशेष है। दरअसल सप्ताह के वारों में बुधवार के कारक देव भगवान श्री गणेश जी माने जाते हंै। वहीं बुध को ज्योतिष में बुद्धि का कारक माना गया है। ऐसे में श्री गणेश के पिता भगवान शिव के प्रिय माह सावन में बुधवार के दिन कई मायनों में खास माने जाते हैं।

सावन बुधवार के संबंध में मान्यता है कि इस दिन श्री गणेश जी की पूजा विशेष फल प्रदान करती है। इसी कारण सावन के हर बुधवार को श्रीगणेश जी की पूजा विशेष तौर पर की जानी है, वहीं ये भी मान्यता है कि सावन में भगवान शिव और मां पार्वती के समान ही श्री गणेशजी भी बहुत आसानी से अपने भक्तों पर प्रसन्न होकर उन्हें विशेष आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

ज्योतिष में बुध ग्रह से जुडे होने के साथ ही ये भी माना जाता है कि श्री गणेशजी की पूजा नवग्रहों को शांत करने का काम करती है। वहीं उनकी पूजा से जातक को सांसारिक व आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। ध्यान रहे कि श्री गणेशजी को अथर्वशीर्ष में सूर्य और चंद्रमा के रूप में बताया गया है। वहीं इन्हें प्रथम पूज्यदेव माने जाने के साथ ही सूर्य से अधिक तेजस्वी भी माना जाता हैं। इससे इतर श्री गणेश जी की रश्मि सूर्य के विपरीत चंद्रमा के समान शीतल है। ऐसे में गणेश जी की शांतिपूर्ण प्रकृति का गुण ही चंद्रमा में मौजूद होने के अलावा वक्रतुण्ड में ही चंद्रमा भी समाहित हैं।

इस सावन 2023 में कब कब पड़ेंगे बुधवार- साल 2023 के सावन में बुधवार क्रमशः 5 व 12 जुलाई और 23 व 30 अगस्त को पड़ेंगे।

श्री गणेश जी आदि पंचदेवों में भी एक प्रमुख देव-
श्री गणेशजी सनातन धर्म के आदि पंचदेवों में से एक प्रमुख देव हैं। सप्ताह के हर बुधवार के अतिरिक्त हर माह की दोनों चतुर्थी (विनायक चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी) के दिनों में भी श्री गणेशजी की आराधना का विशेष महत्व है। वहीं बुधवार जिसके कारक देव स्वयं श्री गणेशजी हंै, के संबंध में मान्यता है कि इस दिन श्री गणेश जी की आराधना से अति विशेष फल की प्राप्ति होती है।

पौराणिक शास्त्रों में श्री गणेशजी के 12 प्रसिद्ध नामों का वर्णन है, इन नामों के संबंध में मान्यता है कि इनका जाप करने से हर प्रकार के कष्ट व बाधा का अंत निश्चित ही हो जाता है। वहीं यह भी मान्यता है कि इन नामों के जाप से व्यक्ति का सोया हुआ भाग्य भी तुरंत ही जाग्रत हो जाता है।

यहां तक माना जाता है कि इन नामों का प्रति दिन स्मरण करने वाला व्यक्ति के जीवन में कभी भी परेशान नहीं होता। यदि आप इन नामों का हर रोज जाप करना चाहते हैं, लेकिन किन्हीं कारणों वश ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो खास तौर पर बुधवार और हर चतुर्थी के दिन इन नामों का जाप जरूर करें।

ग्रहों पर श्री गणेश जी की कृपा
मंगल में उत्साह के संबंध में तक ये मान्यता है कि इसकी उत्पत्ति भी श्री गणेशजी द्वारा ही की गई। इसके अलावा बुद्धि, विवेक के देवता होने के चलते श्री गणेशजी बुद्धि के कारक बुध ग्रह के स्वामी होने के अलावा जगत का शुभ व मंगल करने के साथ ही साधक को निर्विघ्नता प्रदान करते हैं। यहां तक कि ये ही निर्विघ्नता प्रदान कर बृहस्पति को तक संतुष्टी प्रदान करते है।

इसके अतिरिक्त शुक्र के धन, पुत्र, ऐश्वर्य के ग्रह होने के बावजूद इन चीजों के स्वामी भी श्री गणेशजी ही माने गए हैं। इसे अतिरिक्त शनिदेव का भी सीधा संबंध कई धार्मिक व पौराणिक कथाओं के अनुसार श्री गणेशजी से है ।

वहीं इन सभी के अलावा राहु केतु की तरह भी श्री गणेशजी में कुछ स्थितियां मौजूद हैं। इस के तहत जहां श्री गणेशजी का शरीर भी दो भागों के मिलाने (पुरुष व हाथी) बना है। तो वहीं राहु-केतु के एक ही शरीर के दो हिस्से होकर वह दो रूप में बने हैं।

शनि सहित सारे ग्रहदोष दूर करते हैं श्री गणेशजी -
पुराणों के मुताबिक शनि सहित सारे ग्रहों के दोषों को गणेशजी की भक्ति दूर कर देती हैं। इसके अलावा जातक के सुख-सौभाग्य में सावन के बुधवार को गणेशजी की उपासना वृद्धि करती है और सभी प्रकार की रुकावटों को भी दूर हटाती है।

सावन में बुधवार के दिन दूर्वा के गणेशजी की प्रतिकात्मक प्रतिमा बनाकर उसकी विधि-विधान से पूजा करने से गृह कलेश की स्थिति दूर होती है। साथ ही श्री गणेशजी को सावन बुधवार के दिन घी और गुड़ का भोग लगाने के बाद में इस घी व गुड़ गाय को खिलाने के संबंध में मान्यता है कि ऐसा करने से धन संबंधी दिक् कतें खत्म होती हैं।