
सभी सुहागिन महिलाओं के लिये करवा चौथ का व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इस दिन करवा माता की पूजा व कथा पढ़ी जाती है। सुहागिन महिलाये अपने पति की लंबी आयु की कामना के लिये करवा चौथ का व्रत रखती हैं। 17 अक्टूबर गुरुवार को यह व्रत किया जायेगा। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खुलेगा और पूजा की जाएगी। पूजा के बाद करवा माता की आरती से पूरी होती है पूजा इसलिये इस दिन जरूर करें ये आरती।
पूजा, उपवास व चंद्र दर्शन के शुभ मुहूर्त
उपवास का समय - 13 घंटे 56 मिनट का रहेगा। सुबह 6:21 मिनट से रात 8:18 तक रहेगा।
पूजा का समय- शाम 5:50 से 7:06 तक शुभ मुहूर्त है। पूजा के लिए 1 घंटे 15 मिनट तक का समय सर्वश्रेष्ट है।
चांद निकलने का समय- करवा चौथ के दिन चांद 8:18 पर निकलेगा।
करवा चौथ आरती
व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे.. ओम जय करवा मैया।
बड़ी खबरें
View Allट्रेंडिंग
