
आज से खरमास शुरू : इस दिन तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य
साल 2020 में 14 मार्च से खरमास आरंभ हो रहा है जो आगामी 13 अप्रैल तक रहेगा। हिन्दू घर्म शास्त्रों के अनुसार जब भी सूर्य गुरु की राशि धनु या मीन राशि में प्रवेश करता है, उस अवधि को खरमास या खलमास कहा जाता है। ज्योतिषाचार्य विनोद कुमार रावत के अनुसार खरमास के इस एक माह की अवधी में कोई भी शुभ मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। जानें खरमास की अवधि में क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए।
ज्योतिषाचार्य विनोद रावत ने पत्रिका डॉट कॉम को बताया कि- साल 2020 में 14 मार्च से खरमास शुरू होकर 13 अप्रैल दिन सोमवार को समाप्त हो जाएगा। शास्त्रों के अनुसार खरमास की अवधी में कोई भी शुभ मांगलिग धार्मिक आयोजन नहीं करना चाहिए, जैसे- विवाह, नये घर में गृह प्रवेश, नये वाहन की खरीदी, संपत्तियों का क्रय विक्रय करना, मुंडन संस्कार जैसे अनेक शुभ कार्यों को इस एक माह तक नहीं किया जायेगा।
ज्योतिषाचार्य विनोद रावत ने बताया कि जब सूर्य गुरु की राशि धनु एवं मीन राशि में प्रवेश करता है तो इससे गुरु का प्रभाव समाप्त हो जाता है और शुभ मांगलिक कार्यों को करने के लिए गुरु का पूर्ण बली अवस्था में होना आवश्यक है। कहा जाता है कि इस दौरान सूर्य मलिन अवस्था में रहता है, इसलिए इस एक माह की अवधी में किसी भी प्रकार के शुभ मांगलिक कार्य नहीं किये जाते। खासकर इस समय विवाह संस्कार तो बिलकुल नहीं किए जाते हैं, क्योंकि विवाह के लिए सूर्य और गुरु दोनों को मजबूत होना चाहिए।
खरमास के नियम
- अगर प्रेम-विवाह या स्वयंवर का मामला हो तो विवाह किया जा सकता है।
- अगर कुंडली में बृहस्पति धनु राशि में हो तो भी इस अवधि में शुभ कार्य किये जा सकते हैं।
- जो कार्य नियमित रूप से हो रहे हों उनको करने में भी खरमास का कोई बंधन या दबाव नहीं है।
- सीमान्त, जातकर्म और अन्नप्राशन आदि कर्म पूर्व निश्चित होने से इस अवधि में किये जा सकते हैं।
- गया में श्राद्ध भी इस अवधि में किया जा सकता है, उसकी भी मनाही नहीं है।
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Published on:
14 Mar 2020 11:56 am
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