
Shri Krishna
अष्टमी जया संज्ञक तिथि सायं ५.४० तक, तदुपरान्त नवमी रिक्ता संज्ञक तिथि रहेगी। अष्टमी तिथि में यथा आवश्यक मनोरंजन के कार्य, नृत्यादि, रत्न, अलंकार, विवाह, वधू प्रवेश, प्रतिष्ठा, वास्तु कर्म, शस्त्रधारण और चित्रकारी आदि विषयक कार्य सिद्ध होते हैं। पर नवमी तिथि में विग्रह, कलह, जुआ, आखेट व अग्निविषादिक असद् कार्य सिद्ध होते हैं।
नक्षत्र: कृतिका ‘मिश्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र अंतरात्रि २.३१ तक, तदुपरांत रोहिणी ‘ध्रुव व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। कृतिका नक्षत्र में सभा, साहस, अग्निग्रहण, शत्रुनाश और विवादादि कार्य करने योग्य हैं। रोहिणी नक्षत्र में सभी स्थिर कार्य, वास्तु, विवाहादि मांगलिक कार्य, देवकृत्य व पौष्टिक कार्य शुभ कहे गए हैं।
योग: वृद्धि नामक योग प्रात: ६.४८ तक, इसके बाद रात्रि ३.५५ तक ध्रुव नामक योग है। दोनों नैसर्गिक शुभ योग हैं। तदन्तर व्याघात नामक नैसर्गिक अशुभ योग रहेगा। जिसकी प्रथम नौ घटी शुभ कार्यों में त्याज्य हैं।
विशिष्ट योग: आज सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग सूर्योदय से रात्रि २.३१ तक तथा ज्वालामुखी नामक अशुभ योग सायं ५.४० तक व पुन: प्रारम्भ रात्रि २.३१ से। करण: बालव नामकरण प्रात: ६.४३ तक, तदन्तर कौलवादि करण रहेंगे।
शुभ विक्रम संवत् : 207४
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 193९
हिजरी संवत् : 143८, मु.मास: जिल्काद-२२
अयन : दक्षिणायन
ऋतु : वर्षा
मास : भाद्रपद।
पक्ष - कृष्ण।
शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज रोहिणी नक्षत्र में विवाह (द्विगर्त प्रदेशीय) का यथाआवश्यक शुभ मुहूर्त है।
श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: ९.१७ से दोपहर बाद २.०९ तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत तथा अपराह्न ३.४९ से सायं ५.२८ तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैंं एवं दोपहर १२.०६ से दोपहर १२.५८ तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।
व्रतोत्सव: आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत वैष्णवों का, दूर्वाष्टमी, भारतीय स्वतंत्रता दिवस, संत ज्ञानेश्वर जयंती तथा मन्वादि है। प्रात: ८.२० से अपराह्न ३.२५ तक महापात। इस पात में स्नान- दान-पुण्यादि करना चाहिए। चन्द्रमा: चन्द्रमा प्रात: ९.३७ तक मेष राशि में, इसके बाद वृष राशि रहेगा।
दिशाशूल: मंगलवार उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज पूर्व व दक्षिण दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है। राहुकाल: अपराह्न ३.०० से सायं ४.३० बजे तक राहुकाल वेला में शुभ कार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।
आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (अ, इ, उ, ए, ओ, वा) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। प्रात: ९.३७ तक जन्मे जातकों की राशि मेष व इसके बाद जन्मे जातकों की राशि वृष है। इनका जन्म स्वर्णपाद से होने से प्रारंभिक अवस्था में कुछ कष्टप्रद रहना संभव है। इनकी दीर्घायु व उत्तम स्वास्थ्य की दृष्टि से कुछ दान-पुण्य करना हितकर होगा। सामान्यत: धर्मात्मा, दानी, सत्यप्रिय, कीर्तिवान, बुद्धिमान, तेजस्वी और आशावादी होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग २९ वर्ष की आयु तक होता है। मेष राशि वाले जातकों के आज कार्य, व्यवसाय, नौकरी आदि में लाभ व प्रगति होगी।
Published on:
15 Aug 2017 10:00 am
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