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माँ दुर्गा मूर्ति विसर्जन : 7 एवं 8 अक्टूबर को ऐसे करें माँ दुर्गा की अस्थाई प्रतिमा का विसर्जन

Maa Durga Murti Visarjan : Puja Havan Vidhi : माँ दुर्गा विसर्जन : 7 एवं 8 अक्टूबर को ऐसे करें माँ दुर्गा की अस्थाई प्रतिमा का विसर्जन

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भोपाल

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Shyam Kishor

Oct 07, 2019

Maa Durga Murti Visarjan

नवरात्रि के आखिरी दिन विधि विधान से करें मां सिद्धिदात्री माता की पूजा अर्चना,माँ दुर्गा विसर्जन : 7 एवं 8 अक्टूबर को ऐसे करें माँ दुर्गा की अस्थाई प्रतिमा का विसर्जन

नौ दिवसीय शारदीय नवरात्र माँ पूजा उत्सव का समापन आज 7 अक्टूबर सोमवार 2019 को श्री दुर्गा महानवमी पूजा-हवन के बाद समापन हो जाएगा। माता के भक्त अस्थाई रूप से प्रतिष्ठित माँ दुर्गा भवानी की मूर्ति का 7 एवं 8 अक्टूबर को क्षमा प्रार्थना के साथ भावभीनी विदाई देते हुए विसर्जन करेंगे। जानें कैसे करें आज अंतिम दिन माता के निमित्त पूजा अर्चन एवं पूर्णाहुति हवन यज्ञ।

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29 सितम्बर से प्रारंभ हुआ पवित्र नवरात्र महापर्व का समापन आज 7 अक्टूबर दिन दुर्गा महानवमी पूजन के साथ समाप्त होगा। पूरे दिनों तक श्रद्धालु माता के भक्तों ने माता की अस्थाई मूर्ति स्थापित करके श्रद्धा भक्ति के साथ उनकी आराधना वंदना, पूजन की और अंतिम दिन विशेष हवन यज्ञ के के पूर्णाहुति करके समापन करेंगे। समापन पूजा के साथ अस्थाई रूप से विराजमान माँ आद्यशक्ति दुर्गा भवानी की प्रतिमा का विसर्जन किया जायेगा।

अस्थाई मूर्ति के विर्सजन का मुहूर्त

विसर्जन यानी की विदाई की वेला में सभी लोग भावुक भी होते हैं। अगले बरस जल्द ही आने के भाव से श्रद्धालु नाचते गाते, विदाई गीत गाते हुए, पुष्पों और मालाओं से अबीर उड़ाते हुए माँ दुर्गा भवानी को पूरे शहर, नगर, गांव की रक्षा के भाव से भ्रमण कराते हुए विदा करते हैं। 7 अक्टूबर महानवमी के दिन सोमवार को श्री दुर्गा माता की अस्थाई मूर्ति के विर्सजन का मुहूर्त सुबह 11 बजकर 36 मिनट से शुरू होकर 8 अक्टूबर को रात्रि 11 बजकर 27 मिनट तक रहेगा।

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माँ दुर्गा भवानी की प्रतिमा के विसर्जन के पूर्व माता की विधिवत आरती वंदना करने के बाद विशेष यज्ञ हवन माता के इन दिव्य बीज मंत्रों से करें। हवन पूजन, आरती के बाद छोटी-छोटी कन्याओं का पूजन करके उन्हें भोजन कराकर कुछ भेंट अवश्य करें। ऐसा करने माता रानी आपकी सभी मनोकामना पूरी करेंगी।

विसर्जन से पहले इन विशेष मंत्रों से हवन करें।

- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे स्वाहा।।
- माँ शैलपुत्री मंत्र - ऊँ ह्रीं शिवायै नम: स्वाहा।।
- माँ ब्रह्मचारिणी मंत्र - ऊँ ह्रीं श्री अम्बिकायै नम: स्वाहा।।
- माँ चन्द्रघंटा मंत्र - ऊँ ऐं श्रीं शक्तयै नम: स्वाहा।।
- माँ कूष्मांडा मंत्र - ऊँ ऐं ह्री देव्यै नम: स्वाहा।।
- माँ स्कंदमाता मंत्र - ऊँ ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम: स्वाहा।।
- माँ कात्यायनी मंत्र - ऊँ क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम: स्वाहा।।
- माँ कालरात्रि मंत्र - ऊँ क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम: स्वाहा।।
- माँ महागौरी मंत्र - ऊँ श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम: स्वाहा।।
- माँ सिद्धिदात्री मंत्र - ऊँ ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम: स्वाहा।।

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