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इस दिन पितरों का तर्पण माना जाता है शुभ, जानें किन कार्यों को करने से हो सकता है नुकसान

गरुड़ पुराण के अनुसार, अमावस्‍या के दिन पूजा-पाठ और पुण्‍य कर्म करना चाहिए।

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24 जनवरी यानि शुक्रवार को मौनी अमावस्‍या है। गरुड़ पुराण की माने तो अमावस्‍या के दिन पूजा-पाठ और पुण्‍य कर्म करने चाहिए। इस दिन अशुभ कार्यों से भी दूर रहना चाहिए।


इस दिन पवित्र नदियों और तालाबों में स्‍नान का विधान है। दान-पुण्‍य करने से विशेष लाभ मिलता है। सदियों से चली आ रही इस परंपरा का पालन आज भी लोग करते आ रहे हैं। माना जाता है कि मौनी अमावस्‍या के दिन पूज-पाठ करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।


मौनी अमावस्‍या पर ना करें ये काम

मान्यता है कि अनुसार, अमावस्‍या की रात को किसी भी सुनसान जगह या श्‍मशान नहीं जाना चाहिए। माना जाता है कि इस दिन नकारात्‍मक शक्‍तियां बहुत हावी रहती हैं और सुनसान जगहों पर ये आपके ऊपर हमला भी कर सकती हैं।

इसके अलावा मौनी अमावस्‍या की सुबह को देर तक नहीं सोना चाहिए। इस दिन सुबह जल्‍दी उठकर पानी में काले तिल डालकर स्‍नान करना चाहिए और सूर्य का अर्घ्य देना चाहिए।

मौनी अमावस्‍या के दिन पति-पत्‍नी को संबंध नहीं बनाने चाहिए। माना जाता है कि अमावस्‍या की तिथि पर बने संबंध से जो संतान पैदा होती है उसे जीवन में कष्‍ट सहने पड़ते हैं।

अमावस्‍या के दिन घर में लड़ाई-झगड़ा भी नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि इस दिन घर में अशांति रहने से पितरों की कृपा प्राप्त नहीं होती है।

अमावस्‍या के दिन भूलकर भी किसी गरीब या असहाय व्‍यक्‍ति का अपमान नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि इस दिन गरीब का अपमान करने वाले पर शनि और राहू-केतु का प्रकोप पड़ता है।