- दोगुने पुण्य फल की प्राप्ति होगी - हरियाली तीज पर इन बातों का रखें ध्यान
सावन माह में हरियाली तीज का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे में साल 2023 में हरियाली तीज का उत्सव 19 अगस्त को मनाया जाएगा। पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएं हरे रंग की साड़ी, हरी चूडियां आदि पहनकर शिव गौरी की पूजा अर्चना करेंगी। वहीं इस बार इस दिन बन रहे तीन शुभ योग के चलते हरियाली तीज को बहुत खास माना जा रहा है। ऐसे में जानकारों के अनुसार यह व्रत रख कर पूजा करने से दोगुने पुण्य की प्राप्ति होगी।
इन शुभ योग में होगी पूजा-
हरियाली तीज पर सुबह से लेकर रात 9 बजकर 19 मिनट तक सिद्ध योग रहेगा। इसके बाद साध्य योग बनेगा, जो कि अगले दिन सुबह तक रहेगा। वहीं रवि योग देर रात एक बजकर 47 मिनट से शुरू होगा और अगले दिन 20 अगस्त को सुबह 05 बजकर 53 मिनट पर खत्म होगा। इसके अलावा इस दिन उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र है, जो सुबह से लेकर देर रात एक बजकर 47 मिनट तक है।
पूजा का शुभ मुहूर्त-
पंडित जगदीश शर्मा ने बताया कि 19 अगस्त को हरियाली तीज वाले दिन पूजा के लिए शुभ समय सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजकर 8 मिनट तक है। इसके बाद दूसरा मुहूर्त दोपहर में 12 बजकर 25 मिनट से शाम 5 बजकर 19 मिनट तक है। वहीं अभिजीत मुहूर्त की बात करें तो इस दिन 11 बजकर 58 मिनट से दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त है। इन मुहूर्त में पूजन करने से विशेष लाभ होगा।
हरियाली तीज पर इन बातों का रखें ध्यान-
हरियाली तीज पर महिलाएं पति की लंबी उम्र के व्रत रखती हैं। साथ ही वैवाहिक जीवन सुखमय रखने के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। इस बात का खास ध्यान रखें कि...
- इस दिन पति से लड़ाई-झगड़ा या उन्हें नाराज ना करें।
- मान्यताओं के अनुसार, जिन महिलाओं ने उपवास रखा हैं, उन्हें दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। कहा जाता है कि ऐसा करने से भगवान शिव नाराज हो जाते हैं।
- क्रोध करने से बचे। दिन को हंसी खुशी और शांत मन से गुजारें। भगवान शिव-माता पार्वती का पूजन करें।
ऐसे करें पूजन-
- हरियाली तीज के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान आदि करने के बाद नए वस्त्र पहनें।
- इस दिन सोलह श्रृंगार जरूर करें और पूरे दिन व्रत रहें।
- हरियाली तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती के साथ ही गणेश जी की भी पूजा की जाती है।
- पूजा के लिए एक चौकी तैयार करें और उसपर पीले रंग का कपड़ा बिछा दें।
- फिर इस चैकी में भगवान की मूर्तियां स्थापित करें और भगवान को नए वस्त्र पहनाएं।
- इसके बाद माता पार्वती को सोलह श्रृंगार से जुड़े सभी सामान, साड़ी और चुनरी अर्पित करें।
- पूजा के दौरान तीज की व्रत कथा सुनें या पढ़ें। इसके बाद आरती करें।