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Paush Putrada Ekadashi 2025 Date: कब रखा जाएगा पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत, यहां जानिए डेट, शुभ मुहूर्त और महत्व

Paush Putrada Ekadashi 2025 Date: पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत पौष मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन रखा जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं इस साल दिसंबर महीने की आखिरी एकादशी पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा। यहां नोट कर लें डेट, शुभ मुहूर्त और महत्व

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भारत

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Religiondesk

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jayanti jha

Dec 10, 2025

Paush Putrada Ekadashi 2025

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Paush Putrada Ekadashi 2025 Date: पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत पौष मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन रखा जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं इस साल दिसंबर महीने की आखिरी एकादशी पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा। यहां नोट कर लें डेट, शुभ मुहूर्त और महत्व

Paush Putrada Ekadashi 2025 Date: एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित होता है। शास्त्रों में इस व्रत को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। साल में 24 एकादशी पड़ती है। हर एकादशी व्रत का अपना खास महत्व होता है। पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत पौष महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन रखा जाता है। ये व्रत संतान प्राप्ति और उनती उन्नति की कामना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूरे विधि- विधान के साथ की जाती है और उपवास रखा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन का व्रत करने से और विधिपूर्वक विष्णु जी की पूजा करने से साधक की सारी इच्छाओं की पूर्ति होती है। आइए जानें इस साल पौष पुत्रदा एकादशी व्रत कब रखा जाएगा।

कब है पौष पुत्रदा एकादशी व्रत


हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल पौष मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 30 दिसंबर 2025 को सुबह 07 बजकर 50 मिनट पर होगी और इसका समापन 31 दिसंबर की सुबह 5 बजकर 02 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार ये व्रत 30 दिसंबर 2025 को रखा जाएगा।

पौष पुत्रदा एकादशी शुभ मुहूर्त


पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत 30 दिसंबर 2025 को मंगलवार के दिन रखा जाएगा। इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:03 से 12:44 बजे तक रहने वाला है। इस मुहूर्त में एकादशी व्रत की पूजा की जा सकती है।

पौष पुत्रदा एकादशी पूजन विधि

  • पौष पुत्रदा एकादशी के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत होकर व्रत का संकल्प लें।
  • उसके बाद साफ वस्त्र धारण करें और विष्णु जी की प्रतिमा साफ चौकी पर स्थापित करें।
  • एकादशी तिथि के दिन भगवन विष्णु को पीले फूल और पीले चंदन अर्पित करने चाहिए।
  • उसके बाद विधिवत विष्णु जी की पूजा करें।
  • फिर पौष पुत्रदा एकादशी व्रत की कथा सुनें और आरती करके भोग लगाएं।

पौष पुत्रदा एकादशी महत्व


सनातन धर्म में पौष पुत्रदा एकादशी को बहुत ही खास माना गया है। इस व्रत को करने से संतान से जुड़ी सारी समस्याओं का समाधान हो जाता है। इसके साथ ही साधक को भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। जो लोग संतान के लिए लंबे समय में प्रतीक्षा कर रहे हैं, उनके लिए व्रत विशेष फलदायी माना जाता है। इस व्रत को करने से साधक को संतान सुख की प्राप्ति होती है और संतान को तरक्की मिलती है।

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