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Rakhi Festival: बाजारों में बढ़ी रौनक, भाइयों की कलाई पर सजेगी रंगबिरंगी राखियां

रक्षाबंधन पर्व के चलते बाजारों रौनक बढ़ गई है। लोग राखियों के अलावा आभूषण, श्रीफल, मिठाई, नए परिधान, गिफ्ट खरीदने में जुटे हैं। राखियों की कीमत दस से 500 रुपए तक है।

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Rakhi festial 2024

Rakhi festial 2024

Rakhi festial 2024 शहरवासी रक्षाबंधन पर्व की तैयारियों में जुट गए हैं। बाजारों में राखियों की खरीदारी जारी है। शनिवार को रवि योग में लोगों ने राखियां खरीदीं। रविवार-सोमवार को खरीदारी का सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। भाई-बहन का स्नेह का पर्व रक्षाबंधन सोमवार को मनाया जाएगा। इसे लेकर शहर के बाजारों में रौनक है। नया बाजार, पुरानी मंडी, मदार गेट, पड़ाव, कवंडसपुरा, केसरगंज, रामगंज, वैशाली नगर, नगरा, आदर्श नगर सहित अन्य जगह दुकानों-स्टॉल पर राखियां सजी हुई हैं।

रवि योग में खरीदी राखियां
शनिवार को रवि योग होने से महिलाओं-युवतियों ने अपने भाइयों-रिश्तेदारों के लिए राखी खरीदीं। बाजार में फैंसी और मॉर्डन लुक वाली राखियां पहुंची हैं। इनमें रेशमी धागे, सोने-चांदी के तार वाली राखियां, माणक-मोती, रुद्राक्ष से बनी राखियां हैं।

दो दिन सर्वार्थ सिद्धि योग
पंडित घनश्याम आचार्य ने बताया कि रविवार और सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। बाजारों में राखियों की खरीदारी होगी। इस योग में खरीदारी सिद्धि और स्थायित्व देती है। इस योग में भूमि, भवन, वाहन, नए परिधान, आभूषण भी खरीदे जा सकते हैं।

बाजारों में बढ़ी रौनक
रक्षाबंधन पर्व के चलते बाजारों रौनक बढ़ गई है। लोग राखियों के अलावा आभूषण, श्रीफल, मिठाई, नए परिधान, गिफ्ट खरीदने में जुटे हैं। राखियों की कीमत दस से 500 रुपए तक है। बच्चाें के लिए भी रंग-बिरंगी लाइट, कार्टून कैरेक्टर, श्रीकृष्ण, गणेशजी सहित अन्य राखियां बाजार में पहुंची हैं।

यह है रक्षाबंधन का मतलब
रक्षा बंधन को 'रक्षा' और 'बंधन' के शब्दों से मिलकर बनाया गया है। इसका मतलब होता है बहन की सुरक्षा के लिए भाई की प्रतिबद्धता। यह त्यौहार भाई-बहन के पवित्र और आत्मीय रिश्ते को स्वीकार करने का प्रतीक है। रक्षा बंधन उन सभी भाई-बहन के लिए एक अद्वितीय मौका होता है, जब वे एक-दूसरे के प्रति अपनी स्नेह को व्यक्त कर सकते हैं।

राखी बांधने की रस्म

यह समारोह बहन द्वारा आरती करने के बाद शुरू होता है, जो एक प्रथा है जिसमें बहन भाई के चारों ओर थाली को गोल-गोल घुमाती है ताकि उसे दैवीय सुरक्षा मिले। इस प्रकार अपने भाई के माथे पर रोली और चावल लगाने के बाद, वह उसकी कलाई पर राखी बांधती है


जन्माष्टमी पर शोभायात्रा

यदुवंशीय उत्थान समिति भारत के तत्वावधान में आगामी जन्माष्टमी के मौके पर शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से निकाली जाएगी। कुंदन नगर मोड़ से शुरू होकर शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुन यहीं समाप्त होगी।संस्था अध्यक्ष सचिन प्रेरणा यादव ने बताया कि शोभायात्रा में खाटू श्याम शोभायात्रा में समाप्त होगी। बाहूबलि हनुमान , नंदी पर शिव जी , नरसिंह व अघोरियों के वेश में कलाकार शामिल होंगे। छोटे बच्चे राधा कृष्ण के वेश में यात्रा में शामिल होंगे।

राधा कृष्ण बनने वाले बच्चों के पंजीयन ऑनलाइन किए जाएंगे। प्रतिभागी को उपहार व प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। शोभा यात्रा पल्टन बाजार के पास फूस की कोठी के सामने से शुरू होकर कुंदन नगर , सी आरपीएफ के सामने से होते हुए राजा साइकिल चौराहा, श्रीनगर रोड, मार्टिंडल ब्रिज से जीसीए चौराहा, केसरगंज चौराहा से स्टेशन रोड से मदार गेट होते हुए गांधी भवन चौराहा पहुंचेगी। से कचेरी रोड से अग्रसेन चौराहा से बस स्टैंड से वापस कुंदन नगर समाप्त होगी l