महाकाल की नगरी उज्जैन में 64 दिन रहकर अपने गुरु सांदीपनि जी के आश्रम में योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की थी। कृष्ण कन्हैया नंदलाल ने गुरुकुल सांदीपनि आश्रम में गुरु सांदीपनि जी से 64 दिनों में कुल 64 कलाएं सीखी थी, और गुरु कृपा से नन्हें कान्हा से भगवान श्रीकृष्ण बन गये थे। इस सांदीपनी आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण के साथ उनेक बाल सखा श्री सुदामा जी और बलदाऊ बलराम जी ने 64 दिन रहकर गुरु सांदीपनि से शिक्षा प्राप्त की थी। सांदीपनि आश्रम के पुजारी रूपम व्यास ने बताया कि इस जन्माष्टमी के पावन पर्व सांदीपनी आश्रम को स्वर्ण द्वारिका के रूप मै सजाया है।