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Vaishakh Purnima 2023: वैशाख पूर्णिमा क्यों हैं महत्वपूर्ण, पूजा-पाठ के साथ जरूर कर लें ये ज्योतिष उपाय, मां लक्ष्मी चली आएंगी आपके द्वार

Vaishakh Purnima 2023 importance, shubh muhurat, dhan pane ke upay: वहीं यदि वे किसी नदी में स्नान नहीं कर पा रहे तो, घर में रखे गंगा जल की कुद बूंदें नहाने के पानी में डालें और उस पानी से स्नान करें। इसके साथ ही पुण्य कार्य दान आदि करें। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। इसीलिए लोग भगवान विष्णु की पूजा कर अपने जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता की प्रार्थना करते हैं। इस दिन लोग भगवान बुद्ध की भी पूजा-अर्चना करते हैं और उनसे जीवन में सफलता का आशीर्वाद मांगते हैं।

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Sanjana Kumar

Apr 26, 2023

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Vaishakh Purnima 2023 importance, shubh muhurat, dhan pane ke upay: हिंदू धर्म में वैशाख पूर्णिमा का पर्व एक महत्वपूर्ण पर्व माना गया है। हिंदू पंचांग के मुताबिक यह पूर्णिमा वैशाख महीने में मनाई जाती है, इसीलिए वैशाख पूर्णिमा कहलाती है। वहीं इस दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था, इसीलिए इसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। इसे बुद्ध जयंती के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा, इसे वैशाख स्नान भी कहा जाता है। आपको बता दें कि इस बार वैशाख पूर्णिमा 2023 में 5 मई शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी। हिन्दू धर्म के लोग इस पूर्णिमा पर पवित्र नदियों जैसे गंगा, यमुना, सरस्वती, नर्मदा, गोदावरी और कावेरी आदि में स्नान करते हैं। वहीं यदि वे किसी नदी में स्नान नहीं कर पा रहे तो, घर में रखे गंगा जल की कुद बूंदें नहाने के पानी में डालें और उस पानी से स्नान करें। इसके साथ ही पुण्य कार्य दान आदि करें। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। इसीलिए लोग भगवान विष्णु की पूजा कर अपने जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता की प्रार्थना करते हैं। इस दिन लोग भगवान बुद्ध की भी पूजा-अर्चना करते हैं और उनसे जीवन में सफलता का आशीर्वाद मांगते हैं।

वैशाख पूर्णिमा 2023 की तिथि और शुभ मुहूर्त
- वैशाख पूर्णिमा 2023 इस बार 5 मई 2023, शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी।
- पूर्णिमा तिथि 4 मई 2023 को रात 11 बजकर 44 मिनट पर शुरू होगी। वहीं 5 मई 2023 को रात 11 बजकर 3 मिनट पर खत्म हो जाएगी।

जानें धार्मिक महत्व
वैशाख पूर्णिमा को स्नान, दान का दिन माना जाता है। लोग इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और भगवान की कृपा और आशीर्वाद पाने की प्रार्थना करते हैं। माना जाता है कि इस दिन के बाद से ही शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है। नए कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त निकाले जाते हैं।

ज्योतिषीय दृष्टि से वैशाख पूर्णिमा का अर्थ
ज्योतिष में वैशाख पूर्णिमा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा की स्थिति एकदम समान होती है, इसी कारण इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन के महत्व को देखते हुए ज्योतिष में कुछ उपाय भी किए जाते हैं। आपको बता दें कि ज्योतिष में वैशाख पूर्णिमा को कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर महत्व दिया जाता है। इस दिन के महत्वपूर्ण उपायों में से एक है माला धारण करना। वैशाख पूर्णिमा के दिन यदि एक माला धारण की जाए, तो इससे मन की शांति बनी रहती है और चिंताओं से मुक्ति मिलती है। साथ ही पूर्णिमा के दिन स्नान करना बहुत ही शुभ माना जाता है, इससे शरीर की ऊर्जा बढ़ती है और शुद्धता का अनुभव होता है। इस दिन पूजा करने से व्यक्ति की आध्यात्मिक उन्नति होती है।

पूर्णिमा व्रत की पूजा-विधि
वैशाख पूर्णिमा 2023 पर ध्यान रखें के विधि के अनुसार ही व्रत रखें और ज्योतिष में बताए गए हर नियम का पालन करें...

स्नान: वैशाख पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में या जल से स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।

पूजा सामग्री : पूजा के लिए कुछ सामग्री जैसे फूल, दीपक, धूप, अखंड ज्योत, रौली, चौकी, कलश, कपूर इत्यादि सामग्री आवश्यक होती है।

पूजा : पूजा के लिए एक विशेष स्थान का चुनाव करना चाहिए। यह जगह साफ-सुथरी होनी चाहिए। आपको पूजा के दौरान सभी पूजा सामग्री को अलग-अलग रखना चाहिए।

कलश स्थापना : पूजा की शुरुआत कलश स्थापना से की जाती है। कलश में जल, फूल और अक्षत रखें।

दीपक जलाना : पूजा के दौरान दीपक और धूप जलाएं।

मंत्र पढ़ें :
- पूजा के दौरान मंत्रों का जाप करना चाहिए। इससे मन को शांति और उत्तम फल मिलते हैं।

पूर्णिमा व्रत कथा : पूर्णिमा का व्रत करते समय इसकी कथा का पाठ जरूर करें।

प्रसाद : अंत में आपको पूजा का प्रसाद सभी लोगों में बांटना चाहिए।

वैशाख पूर्णिमा 2023 पर व्रत रखने के लाभ
पूर्णिमा व्रत करने से एक नहीं बल्कि कई लाभ मिलते हैं। माना जाता है कि इस पवित्र व्रत को करने से व्यक्ति का मन शांत रहता है। पूजा-उपासना और ध्यान तथा मंत्रों का जाप करने से पुण्य मिलता है। शरीर स्वस्थ रहता है। वहीं व्यक्ति को धन, सुख-समृद्धि मिलती है। भव सागर में मुक्ति मिलती है। वहीं नियमों का पालन करने से धर्म की रक्षा का भाव जाग्रत होता है, जो आत्मा को उन्नत करता है।

वैशाख पूर्णिमा पर मनाई जाएगी बुद्ध पूर्णिमा
हर साल की तरह इस साल भी वैशाख पूर्णिमा पर बुद्ध पूर्णिमा भी मनाई जाएगी। बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह पूर्णिमा यानी बुद्ध पूर्णिमा बेहद महत्वपूर्ण होती है। यह पर्व भगवान बुद्ध के जन्म और जीवन को याद करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन बौद्ध धर्म के अनुयायी भगवान बुद्ध के जन्म स्थल लुंबिनी जाकर पूजा-अर्चना करते हैं और धर्म गुरु गौतम बुद्ध ने अपनी जन्मतिथि के अनुसार जीवन का पहला प्रवचन भी दिया था। इसे उन्होंने सार्थवाह महाप्रजापति गौतमी को समर्पित किया था। इस दिन बौद्ध धर्म के अनुयायी बौद्ध विहारों में धर्म पाठ और ध्यान करते हैं और भगवान बुद्ध के जीवन से संबंधित कथाएं सुनते हैं। कई बौद्ध धर्म के अनुयायी स्वयं को निर्वाण से मुक्त करने के लिए दान भी करते हैं और दुखी, जरूरतमंद लोगों की मदद का प्रयास भी करते हैं।

पूर्णिमा व्रत से जुड़ी पवित्र कथा
माना जाता है कि, इस व्रत का महत्व स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने अपने सच्चे मित्र सुदामा को बताया था। इसके बाद सुदामा ने इस व्रत का विधि-विधान से पालन किया, जिसके प्रभाव से उनके जीवन के दुख और दरिद्रता पूरी तरह से दूर हो गई थी। वहीं यह भी कहा जाता है कि तभी से वैशाख पूर्णिमा का महत्व बढ़ गया और इस व्रत को करने की परंपरा शुरू हुई।

इन नियमों का पालन करना न भूलें
वैशाख पूर्णिमा एक धार्मिक पर्व है, इसे विभिन्न धर्मों में मनाया जाता है। यह उत्सव अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। कुछ लोग धार्मिक जगह पर जाकर वैशाख पूर्णिमा का उत्सव मनाते हैं। कोई मंदिर जाता है, तो कोई धर्म शाला या फिर बौद्ध मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करता है। कोई व्रत रखता है, कोई दान देता है। इस दिन लोग अपने धर्म के मुताबिक अपने ईष्ट का ध्यान कर उनका पूजा-पाठ करते हैं। कुछ लोग भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, तो कुछ लोग भगवान बुद्ध की पूजा करते हैं। इस दिन नशीले पदार्थों या धूम्रपान करने से बचना चाहिए। पशुओं को हानि नहीं पहुंचानी चाहिए, बल्कि उनकी सेवा करनी चाहिए। किसी के साथ बहस या हिंसा न करें। शांत रहें और रहने दें, सुख की तलाश करें।

वैशाख पूर्णिमा पर जरूर कर लें ये ज्योतिष उपाय

* वैशाख पूर्णिमा 2023 पर धन प्राप्ति के उपाय
इस दिन धन की प्राप्ति के लिए मां लक्ष्मी का पूजन करें। इसके लिए, स्थानीय मंदिर में जाकर या अपने घर में मां लक्ष्मी की पूजा कर सकते हैं।

* वैशाख पूर्णिमा 2023 पर नेगेटिविटी को दूर करने के उपाय
इस दिन अपने घर के मुख्य द्वार पर लहसुन और लौंग लगाएं। माना जाता है कि ऐसा करने से घर की सारी नेगेटिविटी दूर हो जाती है और घर में खुशहाली आती है।

* वैशाख पूर्णिमा 2023 पर स्वास्थ्य के लिए उपाय
इस दिन आप काली मिर्च का उपयोग करके अपने स्वास्थ्य को सुधार सकते हैं। इसके लिए कुछ काली मिर्च के दाने लें और उन्हें पीसकर एक कप गर्म पानी में मिलाएं। इसे दो बार पीने से आपको स्वास्थ्य लाभ होगा।

* वैशाख पूर्णिमा 2023 पर संतान प्राप्ति केउपाय
इस दिन भगवान शिव की पूजा करें और उनसे संतान प्राप्ति के लिए आशीर्वाद मांगें। जल्द ही सूनी गोद भर जाएगी।

* वैशाख पूर्णिमा 2023 पर जरूर करें इस मंत्र का जाप
'ऊं मणिपद्मे हूं।' माना जाता है कि वैशाख पूर्णिमा पर इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति बुद्धिमान बनता है। शांति और सकारात्मक ऊर्जा से लबरेज रहता है। इस मंत्र का निरंतर जाप करने से शुभ फल मिलता है।

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