
why ganga dashmi is celebrated
ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को गंगा दशहरा मनाया जाता है। स्कंदपुराण के अनुसार इस दिन गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थी। इस दिन व्यक्ति को निकट की किसी पवित्र नदी पर जाकर स्नान, ध्यान तथा दान देना चाहिए। इससे समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और मृत्यु के पश्चात स्वर्ग की प्राप्ति होती है। वराह पुराण के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल दशमी, बुधवार के दिन, हस्त नक्षत्र में गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर आई थी।
गंगा दशहरा का महत्व
पुराणों के अनुसार इस दिन भागीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर गंगा ने राजा सगर के 60,000 मृत पुत्रों को जीवित कर दिया था। इस दिन जो भी गंगा नदी में खड़ा होकर गंगा स्त्रोत का पाठ करता है, उसे सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। इसी प्रकार इस दिन जिस भी वस्तु का दान दिया जाए, उसकी संख्या दस होनी चाहिए। इससे दान के शुभ फलों में वृद्धि होती है और व्यक्ति के सौभाग्य का उदय होता है।
Published on:
15 Jun 2016 01:45 pm
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