आरबीआई एमपीसी में तीन अर्थशास्त्रियों की नियुक्ति के बाद बुधवार से होगी बैठक, 9 को आएंगे नतीजे

29 सितंबर को एमपीसी की बैठक को कोरम पूरा ना होने की वजह से टाल दिया गया था
आरबीआई ने कहा एमपीसी की अगली बैठक 7 अक्टूबर से 9 अक्टूबर के दौरान होगी

By: Saurabh Sharma

Updated: 06 Oct 2020, 06:15 PM IST

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक बुधवार से शुरू हो रही है और बैठक में लिए जाने वाले फैसले की घोषणा 9 अक्टूबर को होगी। सरकार द्वारा समिति में तीन बाहरी सदस्यों की रिक्तियां की पूर्ति करने के बाद केंद्रीय बैक ने मंगलवार को मौद्रिक समीक्षा बैठक की घोषणा की है। वैसे इस बार की बैठक को काफी अहम होने जा रही है। जिसमें जीडीपी के आंकड़े के साथ महंगाई के आंकड़े भी शामिल होंगे।

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इन तीन मेंबर्स को किया गया शामिल
आरबीआई ने एक बयान में कहा, मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक सात अक्टूबर से नौ अक्टूबर के दौरान होगी। सरकार ने सोमवार को आशिमा गोयल, जयंत आर वर्मा और शशांक भिडे को समिति के सदस्यों के तौर पर नियुक्त किया है। आशिमा गोयल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार समिति की सदस्य हैं और जयंत वर्मा भारतीय पबंधन संस्थान, अहमदाबाद में वित्त एवं अकाउंटिंग के प्रोफेसर हैं। वहीं, शशांक भिडे नेशनल काउंसिल फॉर अप्लायड इकॉनोमिक रिसर्च में वरिष्ठ सलाहकार हैं।

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पहले 29 को होने वाली बैठक
एमपीसी की बैठक 29 सितंबर से एक अक्टूबर के दौरान होने वाली थी, मगर समिति की रिक्तियों को लेकर बैठक टल गई थी, जिसके बाद ये नियुक्तियां हुई हैं। वैसे यह बैठक काफी अहम होने वाली है। इस दौरान दूसरी तिमाही के जीडीपी के आंकड़े भी जारी किए जाएंगे। इस के आंकड़े इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछली बार जो आंकड़े सामने आए थे वो काफी भयावह थे। जुलाई से अगस्त तक के बीच के आंकड़े सरकार के पक्ष की ओर जाने की संभावना इसलिए भी है क्योंकि बेरोजगारी से लेकर ऑटो सेक्टर, निर्यात, सर्विस सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के आंकड़े काफी अच्छे रहे हैं।

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महंगाई में पिछड़ सकती है सरकार
वहीं दूसरी ओर मंहगाई के मोर्चे पर सरकार थोड़ी पिछड़ती हुई दिखाई दे सकती है। वैसे सितंबर के महीने में डीजल की कीमत में 3 रुपए से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। जिसका सीधा संबंध महंगाई से जुड़ा हुआ है। खुद आरबीआई गवर्नर भी इस बात को मान चुके हैं कि देश में महंगाई बढऩे के आसार हैं। ऐसे में एमपीसी की बैठक के बाद यह अहम होगा कि आरबीआई गवर्नर इस मार्चे पर अपनी किस तरह की सफाई पेश करते हैं। वैसे इस बार उन्हें तीन अर्थशास्त्रियों का भी सहयोग मिलता हुआ दिखाई देगा, जिनकी नियुक्ति आज ही हुई है।

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