
बंधन बैंक और एचडीएफसी के बीच होगा ये बढ़ा सौदा, विलय के लिए तैयार बैंक
नई दिल्ली। बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया और देना बैंक के विलय के बाद बंधन बैंक भी विलय के लिए तैयार है। दरअसल बंधन बैंक एचडीएफसी की सहायक कंपनी गृह फाइनेंस को खरीद कर बंधन बैंक में विलय करना चाहता है। इसके लिए बंधन बैंक लगातार एचडीएफसी से बातचीत करने में लगा हुआ है।
इसलिए बंधन बैंक ने लिया ये फैसला
बैंक और कंपनी के विलय को लेकर दोनों के बीच यह वार्ता पिछले महीने से चल रही है। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार बंधन बैंक और एचडीएफसी के साथ ये वार्ता अगले दौर में पहुंच चुकी है। ऐसा माना जा रहा है कि इस सौदे के जरिए बंधन बैंक की योजना प्रमोटर शेयरधारिता घटाने की है। इस सौदे के बाद प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 82.28 फीसदी घटकर 60फीसदी तक होने की उम्मीद है। इस सौदे को लेकर एक खबर यह भी सामने आई थी कि बंधन बैंक और गृह फाइनेंस के विलय के बाद जो नई कंपनी तैयार होगी उसमें 15 फीसदी तक शेयरधारिता एचडीएफसी की होगी। जबकि इस समय एचडीएफसी की गृह फाइनेंस में 59.59 फीसदी तक हिस्सेदारी है।
बंधन बैंक ने नहीं मानें आरबीआई के नियम
आपको बता दें कि बैंक और कंपनी के बीच ये सौदा काफी समय पहले ही हो जाता। लेकिन आरबीआई ने शेयरधारिता नियमों को पूरा न करने के कारण बंधन बैंक पर कई तरह की रोक लगा दी थी। आरबीआई ने बंधन बैंक पर ये रोक पिछले साल सितंबर के महीने में लगाई थी। बंधन बैंक के नई शाखाएँ खोलने और इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी के वेतन भुगताव पर रोक लगाई गई थी। आरबीआई ने बंधन बैंक पर ये रोक इसलिए लगाई थी क्योंकि आरबीआई के लाइसेंसिंग नियमों के अनुसार किसी भी बैंक को संचालन के 3 साल के भीतर पर्मोटर हिस्सेदारी 40 फीसदी तक घटना जरूरी है। लेकिन बंधन बैंक ऐसा करने में असफल रही।
Updated on:
07 Jan 2019 12:25 pm
Published on:
07 Jan 2019 12:22 pm
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