
बैंक ऑफ बड़ौदा ने दोगुनी की मिनिमम बैलेंस की सीमा, अब ये होगी नई लिमिट
नई दिल्ली। बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक और विजय बैंक का जल्द ही विलय होने वाला है। ऐसे में विलय के बाद इन बैंकों में कई बड़े बदालव होने वाले हैं। लेकिन विलय से पहले ही बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने एक अहम नियम में बदलाव कर दिया है। दरअसल बैंक ने अपने एक सेविंग्स अकाउंट के लिए मिनिमम क्वार्टरली एवरेज बैलेंस बढ़ा दी है।
बैंक ने बदल दिए ये नियम
बैंक ने बड़ौदा एडवांटेज सेविंग्स अकाउंट का एवरेज बैलेंस बढ़ाने का फैसला किया है। बैंक ने शहरी ग्राहकों के लिए मिनिमम बैलेंस 1,000 रुपए से बढ़ाकर 2,000 रुपए कर दिया गया है। साथ ही बैंक ने अर्द्ध-शहरी ब्रांच के लिए मिनिमम बैलेंस 500 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपए कर दिया गया है। इसी के साथ बैंक ने एक और नियम में बदलाव किया है। जिसके तहत ग्राहक अगर अपने खाते में मिनिमम बैलेंस नहीं रखते हैं तो उन्हें ज्यादा जुर्माना भी देना होगा।
1 फरवरी से लागू होगा नया नियम
आपको बता दें कि बैंक ऑफ बड़ौदा बचत खाते में मिनिमम बैलेंस मैंटेन नहीं करने पर अपने ग्राहकों से जुर्माना राशि वसूलता है। इस समय यह राशि शहरी ग्राहकों के लिए 200 रुपए और अर्द्धशहरी क्षेत्र के ग्राहकों के लिए 100 रुपए है। यदि कोई ग्राहक अपने खाते में मिनिमम बैलेंस मैटेंन नहीं करता है तो यह राशि उनसे वसूली जायेगी। इस बात कि जानकारी बैंक ने खुद एक ट्वीट के जरिए दी है।बैंक ने ट्वीट करते हुए कहा है कि एडवांटेज सेविंग्स अकाउंट के लिए नया मिनिमम क्वार्टरली एवरेज बैलेंस 1 फरवरी, 2019 से लागू होगा।
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Published on:
16 Jan 2019 06:49 pm
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