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Dormant A/cs को अब नहीं जारी किये जाएंगे डेबिट कार्ड, जानें पूरी खबर

दरअसल जॉब करने वाला युवा जल्दी-जल्दी जॉब बदलता है इसकी वजह से एक कंपनी से दूसरी कंपनी में जानें पर सैलरी अकाउंट एक वक्त के बाद डोरमेंट हो जाता है।

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नई दिल्ली: बैंको ने निष्क्रिय खातों के लिए डेबिट कार्ड जारी करना बंद कर दिया है। वित्तीय सेवाएं प्रदान करने वाली संस्था FIS Global के भारत पंचाल का कहना है कि डोरमेंट अकाउंट्स को लगातार सर्विसेज प्रदान करना समझदारी नहीं कही जाएगी। इसकी वजह से मनी लॉंड्रिंग जैसे फ्रॉड्स को बढ़ावा मिलता है। साथ ही ऐसे अकाउंट्स को मेनटेन रखने के लिए बैंक का काफी पैसा खर्च होता है। इसी वजह से बैंको ने dormant A/cs को ड़ेबिट कार्ड जारी करना बंद कर दिया है लेकिन अगर कस्टमर बैंक से ऐसा करने को कहता है तो बैंक ये कार्ड जारी कर सकते हैं।

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लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर निष्क्रिय खाते इतनी बड़ी संख्या में क्यों हैं ? बैंक्स इसके लिए प्रोफेशनल युवा वर्ग को जिम्मेदार ठहराता है। दरअसल जॉब करने वाला युवा जल्दी-जल्दी जॉब बदलता है इसकी वजह से एक कंपनी से दूसरी कंपनी में जानें पर सैलरी अकाउंट एक वक्त के बाद डोरमेंट हो जाता है। यही वजह है कि हमारे यहां डॉरमेंट अकाउंट्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

डेबिट कार्ड्स में इतनी ज्यादा गिरावट न होती अगर ग्रामीण इलाकों में लोगों ने जन धन योजना काे माध्यम से इनका इस्तेमाल करना शुरू न कर दिया होता । जन धन खाताधारकों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले RuPay कार्ड का इस्तेमाल साल दर साल बढ़ा है। इन खाता धारकों द्वारा कार्ड्स के इस्तेमाल से पूरी 13.5% की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। जिसकी वजह से गरीब परिवारों में कार्ड्स का इस्तेमाल नवंबर 2019 तक 75 फीसदी से बढ़कर 80 फीसदी तक हो गया था।

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हालांकि लोगों का मानना है कि बैंकों ने सरकार के दबाव में आकर खाते खोले हैं जो निष्क्रिय पड़े हैं लेकिन ऐसा नहीं है । कार्ड इस्तेमाल के बढ़ते आंकड़े इन खातों के इस्तेमाल किये जाने की पुष्टि करते हैं।