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अभी खरीद लें टर्म इंश्योरेंस, 1 अप्रैल से देनी होगा ज्यादा कीमत बदलेंगे कई नियम

अप्रैल से इंश्योरेंस प्रीमियम में 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी होने वाली है अप्रैल के बाद कभी भी बढ़ सकते हैं दाम

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time to buy term insurance

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नई दिल्ली: इंश्योरेंस सिर्फ टैक्स बचाने के लिए ही नहीं निवेश और जरूरत के लिहाज से भी बेहद जरूरी है। अगर आपने अभी तक इंश्योरेंस नहीं खरीदा तो ये सबसे सही टाइम है इंश्योरेंस खरीदने का क्योंकि अप्रैल से इंश्योरेंस प्रीमियम में 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी होने वाली है। यानि अगर आप 31 मार्च तक इंश्योरेंस नहीं खरीद पाएंगे तो ये आपकी जेब पर भारी पड़ेगा। ये बढ़ोत्तरी बीमा कंपनियां अपन हिसाब से करेंगी और 1 अप्रैल के बाद ये कभी भी लागू हो सकती है।

क्या होता है टर्म इंश्योरेंस-

टर्म इंश्योरेंस एक शुद्ध प्रोटक्शन कवर होता है, जिसमें पॉलिसीहोल्डर की मौत पर इंश्योर्ड अमाउंट उसके ऊपर निर्भर लोगों को दे दिया जाता है। जबकि दूसरे इंश्योरेंस प्लान मैच्योरिटी पीरियड के एक पर्टीकुलर अमाउंट देते हैं। चाहे पॉलिसी होल्डर जिंदा हो या नहीं। इसीलिए टर्म इंश्योरेंस को रिस्क कवर की कैटेगरी में रखा जाता है। और इसका प्रीमियम अफोर्डेबल होता है। एक उदाहरण के तौर पर 30-35 साल की महिला अगर 1 करोड़ का टर्म इंश्योरेंस लेती है तो उसे 30-25 साल तक हर साल 7000-11000 रुप्ए का प्रीमियम भरना होगा।

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पॉलिसी बाजार के एक अधिकारी का कहना है कि हमारे देश में चूंकि टर्म इंश्योरेंस की कीमत बाकी देशों से 30 फीसदी कम है इसीलिए मार्केट के लिहाज से कंपनियां प्राइस बढ़ा रही हैं।

रेट के अलावा भी बदले जाएंगे नियम-

हम रेट में इजाफे की बात तो आपको बता चुके हैं लेकिन इसके अलावा भी कई तरह के नियमों में बदलाव पर कंपनियां विचार कर रही हैं। कंपनियों का मानना है कि हमारे यहां टर्म इंश्योरेंस में रिस्क को अच्छे से कवर नहीं किया जाता है। अब रेट बढने के साथ अंडरकरंट रिस्क पर ध्यान दिया जाएगा साथ ही इसके क्लेम के नियमों को भी रिव्यू किया जाएगा । यानि आने वाले वक्त में टर्म इंश्योरेंस खरीदना काफी पेचीदा होने वाला है। इसके अलावा टर्म इंश्योरेंस के लिए आय भी देखी जाएगी, ऐसे लोग जो सैलेरीड जॉब में नहीं होंगे उनके लिए टर्म इंश्योरेंस खरीदना थोड़ा मुश्किल होगा।

रेट नहीं जरूरत पर दें ध्यान-

यहां हम आपसे कहना चाहते हैं कि भले ही अभी इंश्योरेंस कराना सस्ता हो लेकिन इंस्योरेंस प्रीमियम के रेट को देखकर नहीं बल्कि अपनी जरूरत के हिसाब से कराएं। तो जब आपका फाइनेंशियल एजेंट या इंश्योर्र Last chance के जरिए आपको इंश्योरेंस खरीदने पर जोर दें तो उस वक्त भी आप अपनी एज, अपने ऊपर निर्भर लोगों, आय और अपने फ्यूचर गोल्स को ध्यान मे रखते हुए कोई भी प्रोडक्ट लें ।