25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मूडीज की रेटिंग घटाने पर बोलीं वित्त मंत्री, कहा – मजबूत हैं देश की इकोनॉमी और फंडामेंटल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया ट्वीट कर दी जानकारी भारत की रेटिंग को घटाने पर मंत्रालय ने शुक्रवार को कड़ी प्रतिक्रिया जताई
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Shivani Sharma

•

Updated: 8 Nov 2019, 2:57 PM IST

नई दिल्ली। सरकार ने ccc ( Moodys ) इन्वेस्टर्स सर्विस के द्वारा भारत की रेटिंग को घटाने पर शुक्रवार को कड़ी प्रतिक्रिया जताई। वित्त मंत्रालय ( finance ministry ) ने कहा कि अर्थव्यवस्था के बुनियादी कारक मजबूत बने रहेंगे और सरकार की ओर से किए गए उपायों से निवेश में तेजी आएगी। देश की इकोनॉमी ( Indian economy ) पर कोई भी संकट नहीं है।


वित्त मंत्री ने किया ट्वीट

मूडीज के रेटिंग परिदृश्य को 'स्थिर ' से ' नकारात्मक ' करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( Nirmala Sitaraman ) ने ट्वीट कर कहा कि भारतीय इकोनॉमी अभी भी काफी मजबूत है। हाल में आर्थिक सुधार की दिशा में उठाए गए कदम निवेश को बढ़ावा देंगे। वित्त मंत्री सीतारणम ने भारत में महंगाई दर नियंत्रण में है और बॉन्ड यील्ड लो है।

आईएमएफ का दिया हवाला

वित्त मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के हालिया विश्व आर्थिक परिदृश्य का हवाला देते हुए कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2019 में 6.1 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है और यह 2020 में बढ़कर सात प्रतिशत पर पहुंच सकती है। इसमें कहा गया है कि भारत की संभावित वृद्धि दर स्थिर बनी हुई है। आईएमएफ और अन्‍य बहुपक्षीय संगठनों का भारत को लेकर दृष्टिकोण लगातार सकारात्‍मक बना हुआ है।


मंत्रालय ने दी जानकारी

मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने पूरी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए वित्तीय क्षेत्र और अन्य क्षेत्रों में कई उपाय किए हैं। वित्त मंत्रालय ने कहा कि वैश्विक सुस्ती से निपटने के लिए सरकार ने खुद आगे बढ़कर नीतिगत फैसले लिए हैं। इन उपायों से भारत को लेकर सकारात्‍मक रुख बढ़ेगा। साथ ही पूंजी प्रवाह को आकर्षित करने में मदद मिलेगी तथा निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।


मजबूत रहेगी इकोनॉमी

बयान में कहा गया, "मुद्रास्‍फीति नियंत्रण में रहने और बॉन्‍ड प्रतिफल कम रहने से अर्थव्‍यवस्‍था के बुनियादी कारक मजबूत बने रहेंगे। भारत अल्प और मध्‍यम अवधि में वृद्धि की मजबूत संभावनाओं की पेशकश लगातार कर रहा है।"