
सरकार कम ब्याज दर वाला क्रेडिट कार्ड लाने की योजना बना रही है। (PC: Pixabay)
केंद्र सरकार एमएसमई विशेषकर सूक्ष्म (माइक्रो) उद्यमों को राहत देने के लिए कम ब्याज दर वाला क्रेडिट कार्ड लाने की योजना पर काम कर रही है। इस क्रेडिट कार्ड की लिमिट अधिकतम 5 लाख रुपए होगी। इस कार्ड का मुख्य उद्देश्य छोटे कारोबारियों को समय पर पूंजी उपलब्ध कराना है, जिससे वे देरी से मिलने वाले भुगतानों के कारण कार्यशील पूंजी की दिक्कतों से बच सकें।
कई एमएसएमई को ग्राहकों से भुगतान मिलने में 60 से 90 दिन तक का समय लगता है, जबकि सामान्य क्रेडिट कार्ड पर ब्याज मुक्त अवधि 30-45 दिन ही होती है। इसके बाद उस पर 25-30% तक वार्षिक ब्याज लगता है। लेकिन एमएसएमई के लिए लॉन्च होने वाला यह विशेष क्रेडिट कार्ड इस असंतुलन को दूर करेगा और कारोबारियों को लचीली शर्तों पर कर्ज चुकाने का विकल्प देगा।
सरकार ने इस योजना को सितंबर 2025 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है। पहले वर्ष में 10 लाख कार्ड जारी करने की योजना है। इससे देशभर के लाखों सूक्ष्म उद्यम कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि योजना के साथ-साथ वित्तीय साक्षरता अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि कोई भी कारोबारी अनावश्यक कर्ज लेकर फंस न जाए। दुरुपयोग को रोकना और जिम्मेदारी से क्रेडिट का उपयोग करना इस योजना की सफलता की कुंजी होगा। इस योजना से न केवल सूक्ष्म उद्यमों को मदद मिलेगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में रोजगार और उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
Updated on:
22 Jul 2025, 2:32 PM IST
Published on:
22 Jul 2025, 2:32 PM IST
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