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बजट 2019 से जेम्स एंड ज्वैलरी इंडस्ट्री को ये हैं उम्मीदें

जेम्स एंड ज्वैलरी इंडस्ट्री को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। इंडस्ट्री ने सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाकर चार फीसदी करने की मांग के अतिरिक्त तराशे और पॉलिश किए गए हीरे और रत्नों पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाकर 2.5 फीसदी करने की भी मांग की है।

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बजट 2019 से जेम्स एंड ज्वैलरी इंडस्ट्री को ये हैं उम्मीदें

नई दिल्ली। 1 फरवरी को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार अंतरिम बजट पेश करने जा रही है। जेम्स एंड ज्वैलरी इंडस्ट्री को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। इंडस्ट्री ने सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाकर चार फीसदी करने की मांग के अतिरिक्त तराशे और पॉलिश किए गए हीरे और रत्नों पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाकर 2.5 फीसदी करने की भी मांग की है। आपको बता दें कि कल्याण ज्वेलर्स के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक टी एस कल्याणरमन ने कहा कि टैक्स छूट की सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपए किए जाने की उम्मीद है इससे लोगों के पास खर्च के लिए ज्यादा पैसा उपलब्ध होगा।


ये है जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर की मांग

इस संदर्भ में अखिल भारतीय रत्न और आभूषण घरेलू परिषद-गोल्ड एंड जेम्स काउंसिल (जीजेसी) के चेयरमैन अनंत पद्मनाभन ने वित्त मंत्री को चिटठी लिखी। चिटठी में पद्मनाभन ने कहा कि आगामी बजट में कार्यशील पूंजी की जरूरत को पूरा करने के लिए कर्ज नियमों को उदार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चालू खाते के घाटे-करेंट अकाउंट डेफिसिट (कैड) पर लगाम लगाने के लिए सोने पर 10 फीसदी का आयात शुल्क लगाया जा रहा है। जून 2017 में भारत का व्यापार घाटा उम्मीद से ज्यादा घटकर 922.49 अरब रुपए पर आ गया, लेकिन सोने पर आयात शुल्क बढ़ने से 'अवैध कारोबार' बढ़ रहा है।


आयात शुल्क घटाने की मांग

इतना ही नहीं, पद्मनाभन ने पैन कार्ड के तहत कारोबार सीमा को दो लाख रुपए से बढ़ाकर पांच लाख रुपए करने की भी मांग की है। रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद-जेम्स एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) के चेयरमैन प्रमोद कुमार अग्रवाल ने भी सरकार से तराशे हीरे और पॉलिश रत्नों पर आयात शुल्क 7.5 फीसदी से घटाकर 2.5 फीसदी करने की मांग की है।

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