
आैर बढ़ी मुश्किलें, ICICI Bank ने चंदा कोचर मामले में स्वतंत्र जांच की मंजूरी दी
नर्इ दिल्ली। आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक की सीर्इअो चंदा कोचर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब बैंक के बोर्ड ने फोरेंसिक ऑडिट सहित एक स्वतंत्र पूछताछ का आदेश दिया है, जिसमें सीईओ चंदा कोचर ने बैंक के आचार संहिता का उल्लंघन किया है, ब्याज के संघर्ष पर नियम और कुछ बैंक उधारकर्ताओं के साथ समझौता करने का हिस्सा था । इस मामले के जानकारों ने कहा है कि बैंक की बोर्ड अपनी वार्षिक छुट्टी पर जांच पूरी करने की योजना बना रही है। इसकी जांच बैंक की लेखा परीक्षा समिति द्वारा की जाएगी और इसकी अध्यक्षता "स्वतंत्र, विश्वसनीय व्यक्ति" होगी। आपको बता दें कि विसिल ब्लोअर की शिकायत पर बैंक ने पिछले दिन ही(बुधवार) चांद कोचर के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। इसके लिए एक इनक्वायरी कमिटी भी बनाई गई है। इस जांच में फॉरेंसिक रिव्यू भी हो सकता है। इसके अलावा संबंधित व्यक्ति का बयान भी रिकॉर्ड हो सकता है।
वार्षिक छुट्टी पर है चंदा कोचर
"फिलहाल चंदा कोचर अपनी वार्षिक छुट्टी पर है। सूत्रों के मुताबिक, "इसके अनुसार समय पर कोई हस्तक्षेप नहीं हुआ है और बोर्ड को उसे जांच की अवधि के दौरान अलग-अलग कदम उठाने के लिए नहीं कहना है।" इससे पहले बाजार नियामक सेबी ने भी चंदा कोचर को नोटिस जारी किया था। यह नोटिस आईसीआईसीआई बैंक की विडियोकॉन ग्रुप एवं न्यूपावर के बीच सौदों के संबंध में जारी किया गया है। निजी क्षेत्र के इस बैंक ने शेयर बाजारों को यह सूचना दी। न्यूपावर में चंदा के पति दीपक कोचर के आर्थिक हित जुड़े हुए हैं।
क्या है आरोप
कोचर के खिलाफ वीडियोकॉन को लोन देने में फायदा उठाने के आरोपों की जांच चल रही है। इस मामले में सीबीआई ने अपनी आरंभिक जांच के तहत कुछ आईसीआईसीआई बैंक अधिकारियों से पूछताछ की है। सीबीआई इस बात का पता लगा रही है कि साल 2012 में वीडियोकॉन ग्रुप को दिए गए 3,250 करोड़ रुपए के लोन में बैंक किसी तरह की गड़बड़ी में शामिल है या नहीं। हालांकि वीडियोकॉन ने जो 2,810 करोड़ रुपए नहीं लौटाए गए है उसे एनपीए घोषित किया जा चुका है।
कैसे दिया था लोन
साल 2012 में 20 बैंकों के कंसोर्टियम ने नियमों के मुताबिक विडियोकॉन ग्रुप को 40 हजार करोड़ रुपए का लोन देने का फैसला किया था। जिसमें से ICICI बैंक ने भी 3250 करोड़ रुपए का लोन दिया। बैंक ने यह लोन उसी तरह की नियम और शर्तों पर दिया है जिस तरह के नियम शर्तों पर समूह के दूसरे बैंकों ने दिया है।
Published on:
31 May 2018 01:52 pm
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