
RBI ने लिया है ATM को लेकर ये बड़ा फैसला, आप भी जान लीजिए अपना अधिकार नहीं तो...
नर्इ दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआर्इ) लगातार बैंकों को उनके एटीएम मशीनों को सुरक्षित करने के लिए चेतावनी देता रहा है। बीते दिन (गुरूवार) केन्द्रीय बैंक ने एक सर्कुलर जारी कर कहा है की अपने एटीम मशीनों को सुरक्षित करने के लिए बैंकों ने जरूरी कदम नहीं उठाए हैं। अप्रैल 2017 में आरबीआर्इ द्वारा दी गर्इ चेतावनी के बावजूद भी कर्इ बैंकों के एटीएम में अभी भी पुराने साॅफ्टवेयर का प्रयोग किया जा रहा है। कल के अपने सर्कुलर में आरबीआर्इ ने बैंकों काे कहा है कि साल 2019 तक वो अपने एटीएम में एंटी स्किमिंग डिवाइसेज को इंस्टाॅल कर लें। यदि कोर्इ बैंक एेसा नहीं करता है तो उसके 'सुपरवाइजरी एन्फाेर्समेंट एक्शन'के तहत कार्रवार्इ की जाएगी। ज्ञात हो कि एेसे कर्इ मामले सामने आते हैं जिसमें एटीएम मशीन में कार्ड के इस्तेमाल के बाद पैसे खाते से तो कट जाते हैं लेकिन एटीएम से पैसे नहीं निकलते हैं। एेसे में हम आपको कुछ एेसी बात बताने जा रहे हैं जिससे कि आप एटीएम मशीन सुरक्षित इस्तेमाल कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं कि आखिर क्या हैं वो बातें...
एटीएम स्कीमर क्या होता है?
कर्इ बार फ्राॅड करने वाले एटीएम मशीन कार्ड स्लाॅट में एटीएम स्कीमर नाम की एक डिवाइस लगा देते हैं। ये डिवाइस आपके कार्ड से जरूरी जानकारी इकट्ठा कर लेते हैं। जिसके बाद ये आपके डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का क्लोन बना कर आपको खाते से पैसे निकाल लेते हैं। इसी समस्या से निजात पाने के लिए पाने के लिए आरबीआर्इ ने बैंकों को एटीएम मशीनों में एंटी स्किमर डिवाइस इंस्टाॅल करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही बैंकों को अपने एटीएम साॅफ्टवेयर्स को भी अपडेट करने का निर्देश दिया गया है।
किस तरह के बैंक फ्राॅड में नहीं होगी आपकी जिम्मेदारी
यदि किसी भी तरह का कोर्इ फ्राॅड बैंक की किसी गलती के वजह से होता है तो इसकी जिम्मेदारी आपकी नहीं होगी। मान लीजिए की बैंक के किसी गलती के वजह से आपकी व्यक्तिगत जानकारी का गलत इस्तेमाल होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आपके बैंक की होगी। एेसे मामले अपने पैसे को सुरक्षित करने के लिए आपको जो सबसे पहला कदम उठाना है वो ये कि आप अपने खाते से एसएमएस आैर र्इ-मेल अलर्ट सुनिश्चित कर लें। यदि आपको कभी आशंका हो कि आपके खाते से बिना किसी जानकारी के पैसे निकाले गए हैं तो इसके बारे में सबसे पहले बैंक को जानकारी दें। लेकिन आपको बैंक को ये जानकारी 3 तीन दिनों के अंदर ही देना होगा। यदि कभी आपकी गलती के वजह से गलत जगह ट्रांजैक्शन होता है तो भी आपको इसके बारे में 7 दिनों के अंदर बैंक को सूचित करना हाेगा। अगर अाप बैंक को 7 दिनों के अंदर इस बात की सूचना नहीं देते तो इसकी पूरी जिम्मेदारी अापकी होगी।
कितने दिन में आपका पैसा होगा वापस
अारबीआर्इ के सर्कुलर के मुताबिक, बैंक को आपके खते में 10 दिनों के अंदर पैसे वापस करने होंगे। इसके साथ बैंक ये भी सुनिश्चित करता है कि इन मामले में आपको पूरा ब्याज दर मिले। इसके साथ आपके द्वारा बैंक को जानकारी देने के बाद इस मामले को 90 दिनों के अंदर सुलझाना होगा।
Published on:
22 Jun 2018 03:49 pm
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