
नई दिल्ली। पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें सबल बनाने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। ऐसे में ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्र (Pradhan Mantri Mahila Shakti Kendra Yojana) योजना चलाई जा रही है। इसके तहत न सिर्फ लड़कियों को शिक्षित किया जाता है, बल्कि उन्हें रोजगार दिलाने एवं उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद की जाती है।
ये योजना साल 2017 में शुरू की गई थी। इसके तहत दूरदूराज के इलाकों में महिला शक्ति केंद्र खोले गए। इस स्कीम के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए स्वयंसेवियों को जोड़ा गया। सरकार का लक्ष्य है कि इसमें 3 लाख से भी ज्यादा स्वयंसेवी छात्रों को शामिल किया जाए। साथ ही एनसीसी की छात्राओं को भी इस काम से जोड़ा जाएगा। इसके बदले उन्हें सरकार की ओर से प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। महिला शक्ति केंद्र अलग-अलग स्तर पर काम करेगी। इसके तहत केंद्रीय स्तर पर नॉलेज सपोर्ट और राज्य स्तर पर महिलाओं को संसाधन सहयोग मुहैया कराया जाता है। इसमें राज्य सरकार, जिले और ब्लॉक स्तर पर भी महिलाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र को सहयोग दिया जाता है।
महिला शक्ति केंद्र योजना के तहत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के दायरे को भी बढ़ाया जाता है। इसके लिए 640 जिलो में कई तरह के कैंपेंन चलाए जाते है।। साथ ही 405 से ज्यादा जिलों में अलग-अलग सेक्टर के हिसाब से इसका दायरा बढ़ाने पर काम लगातार किया जा रहा है। पढ़ाई के अलावा रोजगार दिलाने एवे उनके आश्रय के लिए सरकार की ओर से कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल खोलने का भी प्रावधान है। इनमें 19 हजार से ज्यादा महिलाएं रह सकेंगी। इसके अलावा कई और सुधार गृह भी बनाए जाने पर काम किया जा रहा है।
Published on:
21 Jul 2020 04:44 pm
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