
Uttarakhand Mukhyamantri Swarojgar Yojana
नई दिल्ली। कोरोना काल में लाखों लोगों की नौकरी चली गई। सबसे ज्यादा नुकसान प्रवासी मजदूरों और युवाओं को हुआ है। क्योंकि कई फैक्ट्रियों और कारखानों के बंद होने से उनकी रोजी-रोटी छिन गई है। ऐसे लोगों के लिए उत्तराखंड सरकार मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (Uttarakhand Mukhyamantri Swarojgar Yojana) लेकर आई है। इसके तहत लगभग 10 हजार युवाओं और प्रवासी मजदूरों को रोजगार मिलने की संभावना है। वे सोलर प्लांट (Solar Plants) लगाकर एवं उससे उत्पादित होने वाली बिजली को बेचकर कमाई कर सकते हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अनुसार इस योजना से न सिर्फ बेरोजगारों को नौकरी मिलेगी बल्कि हरित ऊर्जा के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस योजना के तहत प्लांट स्थापित करने के लिए 40 हजार रुपए की दर से 10 लाख रुपए की जरूरत पड़ेगी। प्लांट लगाने के लिए सरकार लोगों को आर्थिक मदद देगी। प्लांट से हर साल 38 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन होगा जिसे उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड 25 साल तक खरीदेगी। ऐसे में जरूरतमंद लोग सरकार को बिजली बेचकर मुनाफा कमा सकते हैं।
इस योजना के तहत लाभार्थियों को 25 किलो वाट का सोलर प्लांट स्थापित करना होगा। इन सोलर प्लांट्स को निजी जमीन या लीज पर ली हुई जमीन पर स्थापित किया जा सकता है। इसके लिए को ऑपरेटिव बैंक लोन देंगे। इस लोन को 15 साल के लिए 8 फीसदी की ब्याज दर पर दिया जाएगा। आप चाहे तो जमीन को लीज पर देकर इसका किराया वसूल सकते हैं। ये भी कमाई का एक जरिया बन सकता है। उत्तराखंड मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को अपना रोजगार करने के लिए सरकार ऋण प्रदान करेगी। विनिर्माण क्षेत्र में परियोजना की अधिकतम लागत 25 लाख रुपये होगी और सेवा और व्यवसाय क्षेत्र के लिए अधिकतम लागत 10 लाख होगी।
Published on:
09 Oct 2020 05:34 pm
बड़ी खबरें
View AllPersonal Finance
कारोबार
ट्रेंडिंग
